
Dharm Jyeshtha Amavasya : ज्येष्ठ अमावस्या का दिन पितरों की पूजा, तर्पण और पिंडदान के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए कर्म पूर्वजों को आत्मिक शांति प्रदान करते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इस बार ज्येष्ठ अमावस्या खास शुभ संयोग में पड़ रही है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति तर्पण या पिंडदान नहीं कर पाता, तो वह अपनी राशि के अनुसार दान करके भी पितरों को प्रसन्न कर सकता है। ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खुलता है।
कब है ज्येष्ठ अमावस्या? (Dharm Jyeshtha Amavasya Kab Hai)
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। यह तिथि 16 और 17 मई की मध्यरात्रि 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर ज्येष्ठ अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) 16 मई को मनाई जाएगी।
ज्येष्ठ अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) पर स्नान का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी या जल में स्नान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद दान-पुण्य, पितरों का तर्पण और भगवान का ध्यान करना शुभ माना गया है।
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अमावस्या के दिन भूलकर भी न करें ये काम
ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) के दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।
- इस दिन बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है।
- अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) पर बाल धोने से भी बचना चाहिए।
- क्रोध, विवाद और अपशब्दों से दूर रहें।
- घर में नकारात्मक माहौल न बनने दें।
- शांत मन से पूजा-पाठ और साधना करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नियमों का पालन न करने से मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और पितृदोष जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
राशि अनुसार करें दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद
मेष राशि : मेष राशि के लोग ज्येष्ठ अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) पर पानी, शरबत और ठंडी तासीर वाली चीजों का दान करें।
वृषभ राशि : जरूरतमंद लोगों को धन और अन्न का दान करना शुभ रहेगा।
मिथुन राशि : गन्ने का रस और शीतल जल का दान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होगी।
कर्क राशि : ज्येष्ठ अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) पर सफेद खाद्य पदार्थ और यथाशक्ति धन का दान करना लाभकारी माना गया है।
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सिंह राशि : गुड़, चना और शहद का दान करना शुभ रहेगा।
कन्या राशि : इस दिन (Dharm Jyeshtha Amavasya) घी से बने हरे भोज्य पदार्थों का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
तुला राशि : ब्राह्मणों को भोजन कराएं और सफेद वस्तुओं का दान करें।
वृश्चिक राशि : गुड़ और लाल वस्त्रों का दान करने से पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।
धनु राशि : मिठाई, केला और पीले वस्त्रों का दान शुभ माना गया है।
मकर राशि : काली उड़द और तिल का दान लाभकारी रहेगा।
कुंभ राशि : अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) पर धन और जूते-चप्पलों का दान करना शुभ फल दे सकता है।
मीन राशि : शीतल जल और पीले खाद्य पदार्थों का दान करना उत्तम माना गया है।
धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या (Dharm Jyeshtha Amavasya) पर किए गए दान, तर्पण और पूजा का कई गुना फल मिलता है। विशेष रूप से ज्येष्ठ अमावस्या पर पितरों को याद करके किए गए कार्य परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। यही कारण है कि इस दिन लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ और दान-पुण्य करते हैं।
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