
Pakistan worried about India-UAE : पाकिस्तान के नेता मुसाहिद हुसैन ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बढ़ते रिश्तों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर दोनों देश ऐसे ही करीब आते रहे, तो भविष्य में इसका असर पूरे क्षेत्र की राजनीति पर पड़ सकता है।
दरअसल, पाकिस्तान इस समय UAE को करीब 3.5 अरब डॉलर का कर्ज लौटा रहा है। यह पैसा उसे 2019 में आर्थिक मदद के तौर पर मिला था। अब इस रकम को वापस करना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं है, क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और विदेशी मुद्रा भंडार भी सीमित है (Pakistan worried about India-UAE)।
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मुसाहिद हुसैन ने कहा कि यह कर्ज लौटाना कोई मजबूरी नहीं, बल्कि दोस्ती निभाने जैसा है। उन्होंने पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए बताया कि पाकिस्तान और UAE के संबंध लंबे समय से अच्छे रहे हैं, और पाकिस्तान ने UAE की मदद भी की है।
लेकिन असली चिंता भारत को लेकर है। UAE में बड़ी संख्या में भारतीय लोग काम करते हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान को लग रहा है कि भारत-UAE की नजदीकी उसके लिए चुनौती बन सकती है (Pakistan worried about India-UAE)।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी बढ़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया है, और Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री रास्ते पर खतरा बढ़ गया है। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है (Pakistan worried about India-UAE)।
पाकिस्तान के सामने मुश्किल यह है कि उसे एक साथ कई चीजें संभालनी पड़ रही हैं। उसे International Monetary Fund की शर्तें भी पूरी करनी हैं और अपने दोस्तों – जैसे चीन, सऊदी अरब और UAE के साथ रिश्ते भी बनाए रखने हैं (Pakistan worried about India-UAE)।
कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ कर्ज लौटाने का नहीं है। यह उस बदलती दुनिया की तस्वीर है, जहां देशों के रिश्ते तेजी से बदल रहे हैं और हर देश अपने हितों को बचाने में लगा है।



