
Car company hire sheep : अगर आपसे कहा जाए कि एक बड़ी कार कंपनी ने अपने कर्मचारियों की जगह 100 भेड़ों को नौकरी पर रख लिया है, तो शायद आपको यह मजाक लगे। लेकिन यह पूरी तरह सच है।
दुनिया की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Volkswagen ने पोलैंड के पॉज्नान (Poznań) स्थित अपने विशाल सोलर प्लांट में घास काटने के लिए मशीनों की जगह 100 भेड़ों को काम पर लगाया है। ये भेड़ें सिर्फ घास ही नहीं चर रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और वैज्ञानिक शोध का भी हिस्सा बन गई हैं (Car company hire sheep)।
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आखिर भेड़ों को ही क्यों चुना गया?
पोलैंड में Volkswagen के कारखाने को बिजली देने के लिए 31,000 से अधिक सोलर पैनलों वाला एक विशाल सोलर फार्म बनाया गया है। इतने बड़े क्षेत्र में लगातार घास उगती रहती है।
अगर घास समय पर न काटी जाए, तो वह सोलर पैनलों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। अब तक इसके लिए मशीनों से घास काटी जाती थी, जिससे ईंधन खर्च होता था, कार्बन उत्सर्जन बढ़ता था और रखरखाव की लागत भी अधिक आती थी। इस समस्या का समाधान Volkswagen ने प्रकृति से ही खोज लिया (Car company hire sheep)।
अब 100 भेड़ें पूरे सोलर फार्म में घूम-घूमकर घास चरती हैं, यहां तक कि उन जगहों पर भी, जहां मशीनें आसानी से नहीं पहुंच पातीं।
यह रिश्ता सिर्फ एकतरफा नहीं है। जहां भेड़ें घास काटकर सोलर पैनलों की देखभाल करती हैं, वहीं सोलर पैनल उन्हें तेज धूप से बचाने के लिए छाया भी देते हैं।
गर्मी के दिनों में यह छाया भेड़ों के शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करती है और उन्हें हीट स्ट्रेस से बचा सकती है (Car company hire sheep)। यानी यहां प्रकृति और तकनीक एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं।
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क्या है Agrivoltaics?
Volkswagen का यह प्रोजेक्ट Agrivoltaics मॉडल पर आधारित है। Agrivoltaics का मतलब है एक ही जमीन का उपयोग खेती और सौर ऊर्जा उत्पादन, दोनों के लिए करना।
इस मॉडल में सोलर पैनलों के नीचे खेती, पशुपालन या चराई जैसे काम किए जाते हैं। इससे जमीन का बेहतर उपयोग होता है और पर्यावरण पर दबाव भी कम पड़ता है (Car company hire sheep)।
यूरोप में यह मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और भविष्य की टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
Volkswagen का यह सोलर प्लांट 18.3 मेगावाट क्षमता का है। धूप वाले दिनों में यह प्लांट इतना बिजली उत्पादन कर सकता है कि पॉज्नान स्थित Volkswagen फैक्ट्री की पूरी बिजली जरूरत पूरी हो जाए।
सालभर में यह प्लांट फैक्ट्री की करीब 25 प्रतिशत बिजली उपलब्ध कराता है। इसी फैक्ट्री में Volkswagen की e-Crafter जैसी कमर्शियल इलेक्ट्रिक वैन का निर्माण भी होता है।
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वैज्ञानिक भी कर रहे हैं अध्ययन
यह प्रोजेक्ट केवल घास कटवाने तक सीमित नहीं है। Volkswagen ने Poznan University of Life Sciences के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक शोध भी शुरू किया है।
शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सोलर पैनलों की छाया का भेड़ों पर क्या असर पड़ता है,
क्या इससे गर्मी का तनाव कम होता है? चराई से मिट्टी की गुणवत्ता में क्या बदलाव आता है? जैव विविधता पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है और कीट-पतंगों और स्थानीय वनस्पतियों को इससे कितना फायदा मिलता है (Car company hire sheep)?
पर्यावरण को भी कई फायदे
इस प्रयोग (Car company hire sheep) से सिर्फ रखरखाव का खर्च ही कम नहीं हो रहा, बल्कि कई पर्यावरणीय लाभ भी मिल रहे हैं।
मशीनों का इस्तेमाल कम होने से कार्बन उत्सर्जन घटता है। ईंधन की बचत होती है। मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। कीट-पतंगों और अन्य छोटे जीवों के लिए प्राकृतिक आवास तैयार होता है। जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। उद्योग और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं।
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