
Controversy over DU advisory : NEET-UG पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन का असर अब दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में भी साफ दिखने लगा है। विश्वविद्यालय के कुछ कॉलेजों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।
इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी दिल्ली विश्वविद्यालय की उस एडवाइजरी पर सवाल उठाए, जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से दूर रहने को कहा गया था।
सबसे पहले जानिए कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने क्या कहा था?
गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों और शिक्षकों के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की थी। इसमें उनसे जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों और सभाओं से दूर रहने की अपील की गई थी। विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी कि यदि कोई गैर-कानूनी सभा या प्रदर्शन में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ संबंधित अधिकारियों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है (Controversy over DU advisory)।
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कई कॉलेजों ने किया धर्मेंद्र प्रधान का समर्थन
दिल्ली विश्वविद्यालय की एडवाइजरी के बाद कई कॉलेजों के सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा मंत्री के समर्थन में पोस्ट दिखाई दिए। श्याम लाल कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज और राजधानी कॉलेज ने लगभग एक जैसे पोस्टर साझा किए। इनमें लिखा था, हम धर्मेंद्र प्रधान के साथ हैं (Controversy over DU advisory)।
पोस्ट में कहा गया कि NEP 2020 के जरिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव हुए हैं। साथ ही यह भी लिखा गया कि अगर कुछ लोगों ने पेपर लीक किया है तो सजा उन्हें मिलनी चाहिए, शिक्षा मंत्री को नहीं। श्याम लाल कॉलेज ने अपनी पोस्ट में कहा कि नई शिक्षा नीति ने पढ़ाई, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा दिया है (Controversy over DU advisory)।
फिर एक कॉलेज ने माफी मांगी
राजधानी कॉलेज ने कुछ देर बाद अपना पोस्ट हटा दिया। कॉलेज प्रशासन ने इंस्टाग्राम स्टोरी में कहा कि आधिकारिक अकाउंट से किया गया पोस्ट उचित नहीं था और इसके लिए उन्हें खेद है। कॉलेज ने यह भी कहा कि वह छात्रों के हितों के साथ खड़ा है और आगे ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी (Controversy over DU advisory)।
JNU भी कतार में
DU के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी अपने स्टूडेंट्स को जंतर-मंतर से दूर रहने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम लिया जाए।
इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बयान जारी किए। सेंट स्टीफंस कॉलेज, शिवाजी कॉलेज छात्रसंघ और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज की क्विज सोसायटी ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ठीक नहीं है (Controversy over DU advisory)।
DU की एडवाइजरी पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय की एडवाइजरी की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि छात्रों को डराने या धमकाने का किसी को अधिकार नहीं है और इसके लिए जवाबदेही तय होगी (Controversy over DU advisory)।
बात रखना संवैधानिक अधिकार
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि नागरिक अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से सरकार तक पहुंचा सकें। विरोध-प्रदर्शन किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं और भारतीय संविधान भी नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है (Controversy over DU advisory)।
यह अधिकार कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा की सीमाओं के भीतर प्रयोग किया जाना चाहिए, लेकिन केवल असहमति व्यक्त करने के कारण लोगों की आवाज दबाना भी लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों – सभी की जिम्मेदारी है कि संवाद, संयम और संवैधानिक मर्यादाओं के जरिए समाधान खोजा जाए, ताकि लोकतंत्र में भरोसा और मजबूत हो।



