
Cockroach in Hotel : नवी मुंबई के चार सितारा होटल पार्क इन को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने होटल का फूड लाइसेंस सस्पेंड करने का फैसला रद्द कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि होटल में दो कॉकरोच मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन सिर्फ इसी आधार पर होटल का लाइसेंस लंबे समय तक सस्पेंड नहीं रखा जा सकता। खासकर तब, जब बाकी जांच में होटल की साफ-सफाई और खाने की व्यवस्था काफी हद तक ठीक पाई गई हो (Cockroach in Hotel)।
सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे ने कहा कि हम भारत में हैं, हमें व्यावहारिक रुख अपनाना होगा।
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क्यों सस्पेंड हुआ था होटल का लाइसेंस?
महाराष्ट्र के Food and Drug Administration (FDA) ने 3 जुलाई को होटल का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। अचानक हुई जांच में अधिकारियों को होटल की साफ-सफाई, खाना रखने और खाना बनाने के तरीके में कई कमियां मिली थीं (Cockroach in Hotel)।
होटल ने इस कार्रवाई को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। होटल का कहना था कि उसने बताई गई कमियों को दूर कर दिया है। इसके बाद कोर्ट ने 17 और 20 जुलाई को होटल की दोबारा जांच कराने का आदेश दिया।
22 जुलाई को आई जांच रिपोर्ट में होटल की 95 फीसदी व्यवस्था सही पाई गई। हालांकि, एक डिशवॉशर और मिठाई बनाने वाली जगह पर कॉकरोच मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई (Cockroach in Hotel)।
होटल के वकील ने कोर्ट में कहा कि सिर्फ दो कॉकरोच मिलने की वजह से होटल का लाइसेंस सस्पेंड रखना उचित नहीं है, जबकि बाकी व्यवस्थाएं ठीक पाई गई हैं।
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होटल ने कोर्ट को भरोसा दिया कि वह आगे भी साफ-सफाई और खाने की सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। कोर्ट ने होटल का यह भरोसा स्वीकार किया और लाइसेंस का सस्पेंशन खत्म कर दिया (Cockroach in Hotel)।
हालांकि, कोर्ट ने एक अहम कानूनी सवाल पर अभी फैसला नहीं दिया। सवाल यह है कि किसी होटल या रेस्टोरेंट का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड करने से पहले उसे 14 दिन का नोटिस देकर सुधार का मौका देना जरूरी है या नहीं। कोर्ट ने इस सवाल को फिलहाल खुला छोड़ दिया है।
सरकारी कैंटीन की भी होगी जांच
कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य में हुई दूसरी फूड सेफ्टी जांच की जानकारी भी मांगी है। खास तौर पर सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे खाने के ठिकानों की जांच के बारे में जानकारी मांगी गई है। सरकार शुक्रवार तक यह जानकारी कोर्ट में देगी। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।



