
Punjab Paper Leak : पंजाब में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर BJP कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को दिल्ली में AAP मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
BJP कार्यकर्ता पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन को देखते हुए AAP कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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BJP ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने पंजाब सरकार पर परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदारी तय नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को यह बताना चाहिए कि फार्मेसी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी के लिए अब तक किसी की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई (Punjab Paper Leak)।
उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से NEET विवाद के बाद उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। बांसुरी स्वराज ने कहा कि केंद्र ने पेपर लीक के खिलाफ कानून को सख्त किया और जांच व सुनवाई में तेजी लाने के प्रावधान किए, जबकि पंजाब सरकार इस मामले में चुप है।
BJP की मांग है कि पंजाब के शिक्षा मंत्री को इस मामले में जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए (Punjab Paper Leak)। BJP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पंजाब में परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा।
मालीवाल ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में पंजाब में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने 19 जुलाई की फार्मेसी परीक्षा में हुई कथित नकल का भी मुद्दा उठाया और पंजाब सरकार से जवाब मांगा (Punjab Paper Leak)।
उन्होंने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी इस मामले में चुप रहने का आरोप लगाया।
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बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने पंजाब में प्रश्नपत्र लीक की कई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट, 12वीं के अंग्रेजी पेपर, फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा और PSSSB की भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है (Punjab Paper Leak)।
फार्मेसी परीक्षा में आखिर हुआ क्या था?
19 जुलाई को पंजाब में Pharmacy Officer Recruitment Examination आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए हुई थी और करीब 7,000 उम्मीदवार इसमें शामिल हुए थे। परीक्षा के लिए फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर में केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा के दौरान पंजाब पुलिस को एक संगठित नकल गिरोह के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 उम्मीदवारों और सात कथित मुख्य आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 27 बैटरी से चलने वाले वायरलेस डिवाइस और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले (Punjab Paper Leak)।
पुलिस का कहना है कि कुछ उम्मीदवारों के पास छिपे हुए पेन कैमरा थे। इनके जरिए प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर भेजी जाती थी और फिर उम्मीदवारों को कथित तौर पर जवाब बताए जाते थे।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पंजाब पुलिस ने इसे पेपर लीक का मामला नहीं बताया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में अब तक प्रश्नपत्र लीक होने या किसी सरकारी अधिकारी की इसमें भूमिका का सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने इसे परीक्षा के दौरान चलाए जा रहे एक संगठित नकल गिरोह का मामला बताया है (Punjab Paper Leak)।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि AAP सरकार के करीब साढ़े चार साल के कार्यकाल में किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। मान के मुताबिक, फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में नकल कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इस गिरोह को पकड़ लिया।



