
Yemen Crisis : यमन में लंबे समय से चल रहा संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से आगे बढ़ते हुए कई शहरों और इलाकों पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद करीब 50 हजार लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं। कई गांव खाली हो गए हैं और बड़ी संख्या में परिवार लड़ाई वाले इलाकों में फंसे हुए हैं।
यमन में यह संघर्ष नया नहीं है। देश में कई वर्षों से हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के बीच लड़ाई चल रही है। हूतियों को ईरान का समर्थन हासिल है, जबकि यमनी सरकार को अमेरिका और सऊदी अरब का समर्थन मिलता रहा है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों से युद्धविराम हुआ था और इसके बाद करीब चार साल तक स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही। ताजा लड़ाई ने उस शांति को खत्म कर दिया है (Yemen Crisis)।
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अचानक तेज हुआ हूतियों का हमला
हूती लड़ाकों ने इस सप्ताह पश्चिमी यमन में लाल सागर के किनारे तेजी से बढ़ते हुए कई शहरों पर कब्जा कर लिया। इस दौरान सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है।
संयुक्त राष्ट्र के इंटरनैशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, ताइज और होदेदा प्रांतों में करीब 46 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें दूसरी या तीसरी बार अपना घर छोड़ना पड़ा है (Yemen Crisis)।
लड़ाई के कारण कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं और कुछ इलाकों में फोन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। घर छोड़कर भाग रहे लोगों के पास जरूरी सामान भी नहीं है। उन्हें भोजन, पानी, अस्थायी रहने की जगह, स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक मदद की जरूरत है।
हूतियों के बढ़ने से दुनिया को चिंता क्यों?
यमन का यह संघर्ष (Yemen Crisis) सिर्फ उस देश तक सीमित नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य।
बाब-अल-मंदब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच करीब 20 मील चौड़ा समुद्री रास्ता है। एशिया और यूरोप के बीच आने-जाने वाले जहाजों के लिए यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है। तेल और दूसरी जरूरी वस्तुओं की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से गुजरती है।
हूतियों ने तट के पास कई महत्वपूर्ण इलाकों और द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। इससे उन्हें बाब-अल-मंदब के करीब पहुंचने का मौका मिल गया है (Yemen Crisis)।
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अगर लड़ाई के कारण यह रास्ता बंद या असुरक्षित होता है तो जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी छोर से घूमकर जाना पड़ेगा। इससे यात्रा में हजारों किलोमीटर बढ़ जाएंगे। माल पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा और परिवहन लागत भी बढ़ेगी। इसका असर तेल की कीमतों से लेकर दुनिया भर की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
यमन में हूती कौन हैं?
हूती यमन का एक सशस्त्र राजनीतिक और धार्मिक समूह है। 2014 में उन्होंने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमनी सरकार और हूतियों के बीच बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू हुआ (Yemen Crisis)।
सऊदी अरब ने हूतियों को पीछे हटाने और यमनी सरकार को समर्थन देने के लिए सैन्य अभियान चलाया। ईरान पर हूतियों को समर्थन देने का आरोप है। इस तरह यमन का गृहयुद्ध धीरे-धीरे क्षेत्रीय शक्तियों के बीच संघर्ष का हिस्सा भी बन गया।
यमन में लड़ाई के कारण पहले ही लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और देश गंभीर मानवीय संकट का सामना करता रहा है (Yemen Crisis)।
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