Akhilesh vs Yogi on namaz : उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज को लेकर सख्त संदेश दिया है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे भाजपा की पॉलिटिकल स्कोरिंग बताया है।
मंगलवार को एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं, इसके लिए पहले से नियम बने हुए हैं। लेकिन इस मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर देश में कोई ‘सबसे अधर्मी पार्टी’ है, तो वह भाजपा है (Akhilesh vs Yogi on namaz)।
सपा प्रमुख ने हाल ही में अधिवक्ता संघ के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके हाथ में रामचरितमानस थी, फिर भी उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा खुद को सनातनी बताती है तो उसे वसुधैव कुटुंबकम की भावना भी अपनानी चाहिए।
अगर जगह कम है, कोई सड़क पर नमाज पढ़ भी रहा है तो क्या दिक्कत है। – अखिलेश यादव, सपा प्रमुख
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज का मुद्दा उठाकर बहस को दूसरी दिशा में ले जाया जा रहा है, जबकि जनता रोजगार, शिक्षा और आरक्षण जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है (Akhilesh vs Yogi on namaz)।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं जगह की कमी है और लोग नमाज पढ़ रहे हैं, तो उसमें दिक्कत क्या है? सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के राजनीतिक तरीकों को समझ चुकी है और अब वह इन मुद्दों में उलझने के बजाय सरकार से NEET परीक्षा और 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे पर सवाल पूछेगी।
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योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था?
इससे पहले एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा था कि उत्तर प्रदेश में अब सड़कों पर नमाज नहीं होती। उन्होंने कहा कि सड़कें चलने और आवागमन के लिए होती हैं, किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन करके ट्रैफिक बाधित करना सही नहीं है (Akhilesh vs Yogi on namaz)।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी स्थान पर भीड़ ज्यादा है तो लोग शिफ्ट में नमाज पढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी के लिए समान नियम लागू करेगी और कानून का पालन हर हाल में कराया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर लोग संवाद से मानेंगे तो ठीक है, नहीं तो सरकार कानून के जरिए कार्रवाई करेगी। उन्होंने बरेली की घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि प्रशासन अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगा (Akhilesh vs Yogi on namaz)।
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