
Bangladesh not happy with Pakistan boycott : पाकिस्ताना ने आईसीसी टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार का फैसला लिया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में उठाया है। चूंकि ICC ने बांग्लादेश की नहीं सुनी और उसे विश्व कप से बाहर कर दिया, इसलिए पाकिस्तान अब भारत के खिलाफ नहीं खेलेगा।
इस फैसले से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को खुश होना चाहिए था, लेकिन उल्टा है। बांग्लादेश को बड़े आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है (Bangladesh not happy with Pakistan boycott)। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अधिकारियों का कहना है कि विरोध ठीक है, पर पाकिस्तान को मैच खेलना चाहिए।
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पूरे क्रिकेट जगत को नुकसान
हाल के वर्षों में भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबलों में प्रतिस्पर्धा कम हुई है। ताजा एशिया कप में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ लगातार तीन हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारत-पाक मैच (India Pak cricket match) आज भी क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई और दर्शक खींचने वाला मुकाबला माना जाता है।
यही वजह है कि पाकिस्तान के इस फैसले से ICC, छोटे क्रिकेट बोर्ड और खासतौर पर बांग्लादेश को चिंता हो रही है (Bangladesh not happy with Pakistan boycott)।
PCB नहीं, पाकिस्तान सरकार का फैसला
अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन यह साफ हो चुका है कि फैसला पाकिस्तान सरकार का है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली सरकार ने भारतीय टीम के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति नहीं दी।
पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा था कि सरकार ICC T20 World Cup 2026 में पाकिस्तान टीम की भागीदारी को मंजूरी देती है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। हालांकि, सरकार ने इस फैसले के पीछे कोई ठोस कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया।
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BCB को घाटे की चिंता
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पहले ही मुश्किल में है। विश्व कप से बाहर होने के कारण उसे आर्थिक नुकसान होगा। अब उसे यह चिंता है कि भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से आईसीसी की कमाई घटेगी, तो सदस्य देशों का हिस्सा भी कम हो जाएगा। यानी बांग्लादेश पर दोहरी मार पड़ेगी (Bangladesh not happy with Pakistan boycott)।
बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो ने BCB के एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पाकिस्तान भारतीय क्रिकेट को एक कड़ा संदेश देना चाहता था। भारत के वर्चस्व को चुनौती देना उसका उद्देश्य था। उस नजरिए से यह फैसला समझ में आता है, लेकिन इससे सभी को आर्थिक नुकसान होगा। अगर भारत-पाक मैच नहीं होता, तो पूरे क्रिकेट जगत को नुकसान झेलना पड़ेगा। हमारा ICC से मिलने वाला हिस्सा भी कम हो जाएगा। हम ऐसा नहीं चाहते थे (Bangladesh not happy with Pakistan boycott)।
एक अन्य बांग्लादेशी अधिकारी ने भी ऐसी ही चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि हम सभी को ICC के सेंट्रल पूल से फंड मिलता है। बांग्लादेश काफी हद तक उस फंड पर निर्भर है। BCB के अपने स्पॉन्सर और ब्रॉडकास्टर बहुत कमाई नहीं देते। अगर ICC का रेवेन्यू कम होता है तो बांग्लादेश के लिए क्रिकेट चलाना मुश्किल हो जाएगा (Bangladesh not happy with Pakistan boycott)।
बांग्लादेश को यह भी डर है कि अगर विवाद ज्यादा बढ़ता है तो फिर उसके लिए आगे जाकर BCCI से सुलह करने में भी मुश्किल होगी। टीम इंडिया से सीरीज खेले बिना भी बांग्लादेश का गुजारा होना मुश्किल है (Bangladesh not happy with Pakistan boycott)।



