
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए ‘मिनी विधानसभा’ कहे जाने वाले 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। गुरुवार को मतदान के बाद शुक्रवार सुबह से मतगणना शुरू हो चुकी है। यह चुनाव सिर्फ नगर निकायों के भविष्य का फैसला नहीं कर रहा, बल्कि राज्य की सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के लिए भी ताकत की असली परीक्षा बन गया है। (Mumbai BMC Election Results)
Maharashtra Municipal Election Trends: अब तक का रुझान
राज्य भर में कुल 2869 वार्डों में से 1486 वार्डों के रुझान सामने आ चुके हैं। शुरुआती आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि मुकाबला एकतरफा होता दिख रहा है।
2869 वार्ड, 1486 के रुझान आए
बीजेपी-1388
शिवसेना शिंदे-364
कांग्रेस-306
शिवसेना ठाकरे-166
NCP अजित-140
NCP शरद-29
AIMIM-94
MNS-17
इन आंकड़ों से यह साफ हो रहा है कि शहरी महाराष्ट्र में बीजेपी का दबदबा लगातार मजबूत हुआ है, जबकि विपक्षी खेमे में बिखराव साफ नजर आ रहा है (Mumbai BMC Election Results)।
Mumbai BMC Election Results पर पूरे देश की नजर मुंबई पर
देश के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नतीजे इस चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु हैं। करीब तीन दशकों से BMC पर ठाकरे परिवार के नेतृत्व वाली शिवसेना का कब्जा रहा है, लेकिन पार्टी में टूट के बाद यह पहला मौका है जब मतदाता उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व के बीच सीधा फैसला दे रहे हैं।
एग्जिट पोल्स पहले ही संकेत दे चुके हैं कि BJP–Shiv Sena (Shinde) alliance को यहां बढ़त मिल सकती है। अगर यही रुझान नतीजों में बदला, तो यह ठाकरे परिवार की 30 साल पुरानी पकड़ के खत्म होने का संकेत होगा (Mumbai BMC Election Results)।
9 साल बाद हुआ चुनाव
मुंबई में नौ साल के लंबे अंतराल के बाद BMC चुनाव हुए। 2017 में जहां 55% मतदान दर्ज किया गया था, वहीं इस बार 54–56% turnout रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा दिखाता है कि आमतौर पर स्थानीय चुनावों से दूरी बनाने वाली मुंबई ने इस बार अपेक्षाकृत सक्रिय भागीदारी दिखाई (Mumbai BMC Election Results)।
हालांकि मतदान के दौरान मतदाता सूची से नाम गायब होने, बूथ बदले जाने और तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आईं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार phase-wise counting का फैसला लिया है। सुबह 10 बजे से सिर्फ 46 वार्डों की गिनती शुरू हुई। 23 काउंटिंग सेंटर्स पर एक समय में सिर्फ 2-2 वार्डों की मतगणना हो रही है। इस प्रक्रिया के चलते साफ रुझान और अंतिम नतीजे देर शाम या रात तक आने की संभावना है (Mumbai BMC Election Results)।
मराठी मानुस की लड़ाई
दादर–परेल, वर्ली–सेवरी और शिवसेना भवन के आसपास का इलाका इस चुनाव का सबसे बड़ा prestige battle माना जा रहा है। यह क्षेत्र मराठी मानुस की राजनीति का प्रतीक रहा है। यहां Sena (UBT)-MNS गठबंधन पर दबाव है कि वह अपनी पारंपरिक सीटें बचाए। अगर बीजेपी-शिंदे सेना को यहां सेंध लगाने में सफलता मिलती है, तो यह ठाकरे ब्रदर्स के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका होगा (Mumbai BMC Election Results)।
प्रचार में दिखी तीखी राजनीति
पूरा चुनाव अभियान Marathi Manoos, पहचान की राजनीति और सांप्रदायिक बयानों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मराठी और हिंदू मेयर वाला बयान चर्चा का बड़ा मुद्दा बना। वहीं, वोट खरीदने, उम्मीदवारों को हटवाने और दलबदल जैसे आरोपों ने माहौल को और तीखा कर दिया (Mumbai BMC Election Results)।
क्या खत्म होगा ठाकरे युग?
अब तक के रुझानों और एग्जिट पोल्स को देखें तो तस्वीर साफ होती जा रही है कि मुंबई की राजनीति एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। अगर अंतिम नतीजे इन्हीं संकेतों पर मुहर लगाते हैं, तो BMC पर ठाकरे परिवार का 30 साल पुराना वर्चस्व इतिहास बन सकता है, और बीजेपी-शिंदे गठबंधन को शहरी महाराष्ट्र में निर्णायक बढ़त मिल सकती है (Mumbai BMC Election Results)।
BMC Election Result : महाराष्ट्र की 29 नगर महानगरपालिकाओं के चुनाव खत्म होते ही एग्जिट पोल्स ने सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। खासकर देश की सबसे अमीर नगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को लेकर आए आंकड़े बड़े राजनीतिक संकेत दे रहे हैं। Axis My India, JVC और Sakal जैसे प्रमुख सर्वे यह बता रहे हैं कि मुंबई में इस बार सत्ता परिवर्तन लगभग तय नजर आ रहा है।
अब सबकी नजरें टिकी हैं चुनाव परिणाम (BMC Election Result) पर। वोटों की गिनती के बाद ही पता चलेगा कि एग्जिट पोल कितने सही साबित हुए हैं।
मतगणना कब और कैसे होगी (BMC Election Result)?
बीएमसी सहित सभी नगर निगमों के चुनावों की मतगणना 16 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होगी (BMC Election Result)। मुंबई में 15 अलग-अलग केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती की जाएगी। शुरुआती रुझान दोपहर तक सामने आ जाएंगे, जबकि शाम 4 बजे तक फाइनल नतीजों के आने की उम्मीद है।
पूरे महाराष्ट्र में कुल 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतगणना (BMC Election Result) के लिए करीब 64,000 कर्मचारियों की तैनाती की है।
अब नजर डालते हैं एग्जिट पोल्स पर
Axis My India के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी नीत गठबंधन (BJP+) को बीएमसी की 227 सीटों में से 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है। यह आंकड़ा 114 सीटों के बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। सर्वे यह भी संकेत देता है कि बीजेपी गठबंधन न सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी बनेगा, बल्कि बिना किसी बड़े जोड़-तोड़ के अपना मेयर बनाने की स्थिति में होगा।
वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को इस सर्वे में 58 से 68 सीटों पर सिमटते हुए दिखाया गया है। कांग्रेस की स्थिति और कमजोर नजर आ रही है, जिसे महज 12 से 16 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों के खाते में भी सीमित सीटें जाती दिख रही हैं।
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JVC और Sakal Exit Poll
JVC एग्जिट पोल भी Axis के रुझानों की ही पुष्टि करता है। इसके अनुसार, BJP+ को 138 सीटें, शिवसेना (UBT) को 59 सीटें, कांग्रेस को 23 सीटें और अन्य को 7 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
वहीं Sakal के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट)-एनसीपी वाली महायुति को 119 सीटें मिल सकती हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गठबंधन 75 सीटों के साथ चुनौती देता नजर आ रहा है, जबकि कांग्रेस 20 सीटों पर सिमट सकती है। तीनों सर्वे में एक बात समान है—बीएमसी में बीजेपी की स्थिति सबसे मजबूत दिखाई दे रही है।
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20 साल बाद ठाकरे बंधु साथ आए, फिर भी क्यों नहीं चला मराठी कार्ड?
इस चुनाव की सबसे बड़ी सियासी कहानी रही उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का 20 साल बाद साथ आना। दोनों ने मराठी अस्मिता, मुंबई में बाहरी प्रभाव और अडानी जैसे मुद्दों को चुनावी हथियार बनाया। लेकिन एग्जिट पोल यह बता रहे हैं कि यह रणनीति मतदाताओं को निर्णायक रूप से प्रभावित नहीं कर पाई।
इसके उलट, बीजेपी ने चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चेहरे पर लड़ा और विकास, स्थिर सरकार और प्रशासनिक नियंत्रण को बड़ा मुद्दा बनाया। एग्जिट पोल संकेत देते हैं कि शिंदे गुट की मदद से बीजेपी का मुंबई में अपना मेयर बनाने का सपना अब हकीकत के करीब है।
एग्जिट पोल्स के अनुसार, अमरावती, अकोला, लातूर, चंद्रपुर और जलगांव जैसे शहरों में बीजेपी की जीत की मजबूत संभावना है। कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर में भी महायुति गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है।
हालांकि, कुछ जगहों पर मुकाबला दिलचस्प है। सांगली और भिवंडी में कांग्रेस के जीतने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि उल्हासनगर में शिवसेना (एकनाथ शिंदे) का प्रभाव बना रह सकता है। कुल मिलाकर, अधिकांश नगर निगमों में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।
हालांकि अभी ये सिर्फ एग्जिट पोल्स हैं। पहले भी ये अनुमान गलत साबित हो चुके हैं। अब सभी की नजरें टिकी हैं वोटों की गिनती पर, जिससे परिणाम साफ होगा (BMC Election Result)। इस चुनाव में स्याही को लेकर विवाद हुआ है, जिसे देखते हुए काउंटिंग में आयोग कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहेगा।



