हिंदू धर्म में नवरात्रि (Chaitra Navratri) का पर्व बेहद पवित्र और आस्था से जुड़ा माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से माता रानी की आराधना करता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
इस साल चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के दिन होगा। ऐसे में अगर आप भी पूरे विधि-विधान से पूजा करना चाहते हैं, तो पहले से ही पूरी पूजा सामग्री तैयार रखना बेहद जरूरी है, ताकि पूजा में कोई कमी न रह जाए।
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नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट (Chaitra Navratri Puja Samagri List)
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा के लिए आपको इन जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी – माता की तस्वीर या मूर्ति, पूजा के लिए चौकी, लाल चुनरी और श्रृंगार का पूरा सामान जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, काजल और इत्र। इसके अलावा कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, तांबे या मिट्टी का कलश, आम के पत्ते और नारियल जरूरी होते हैं।
पूजा में रोली, कुमकुम, अक्षत (चावल), फूल-माला, धूप, अगरबत्ती, दीपक और घी या तेल भी शामिल करें। भोग के लिए फल, मिठाई, पंचमेवा, पान, सुपारी और लौंग-इलायची रखें। साथ ही गंगाजल, कपूर और आरती की थाली भी पूजा का अहम हिस्सा हैं।
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चैत्र नवरात्रि कैलेंडर (Chaitra Navratri 9 Days List)
नवरात्रि (Chaitra Navratri) के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है –
- 19 मार्च – मां शैलपुत्री
- 20 मार्च – मां ब्रह्मचारिणी
- 21 मार्च – मां चंद्रघंटा
- 22 मार्च – मां कूष्मांडा
- 23 मार्च – मां स्कंदमाता
- 24 मार्च – मां कात्यायनी
- 25 मार्च – मां कालरात्रि
- 26 मार्च – मां महागौरी (अष्टमी)
- 27 मार्च – मां सिद्धिदात्री (राम नवमी)
घटस्थापना विधि (Ghatasthapana Vidhi)
नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। इसे मां दुर्गा का घर में स्वागत माना जाता है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल से पवित्र करें। इसके बाद उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी रखकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। कलश में जल, गंगाजल, सुपारी, हल्दी, अक्षत और सिक्का डालें।
कलश के ऊपर स्वास्तिक बनाकर मौली बांधें और उसके मुख पर आम के पत्ते रखें। फिर नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश पर स्थापित करें। इसके साथ ही मिट्टी में जौ बोएं और सबसे पहले गणेश पूजा करें, फिर मां दुर्गा की आराधना करें।
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नवरात्रि (Chaitra Navratri) में इन बातों का रखें ध्यान
नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान मन और शरीर दोनों की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। पूजा के समय नकारात्मक विचारों से दूर रहें और कलश को नौ दिनों तक अपनी जगह से न हटाएं।
अगर आपने अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को खाली न छोड़ें। साथ ही इन दिनों क्रोध, अपशब्द और किसी का अपमान करने से बचें।
इस तरह अगर आप पूरे विधि-विधान और सही पूजा सामग्री के साथ नवरात्रि (Chaitra Navratri) की पूजा करते हैं, तो माता रानी की कृपा आपके जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आती है।



