
Fire in COP30 Brazil : ब्राजील के बेलेम शहर में चल रहे COP30 Climate Summit में अचानक लगी आग ने दुनिया भर से आए हजारों प्रतिनिधियों को कुछ मिनटों में ही बाहर भागने पर मजबूर कर दिया। यह वह समय था, जब सम्मेलन अपने अंतिम दौर में था और जीवाश्म ईंधन, क्लाइमेट फाइनेंस और ग्लोबल रोडमैप पर सबसे महत्वपूर्ण बातचीत चल रही थी। लेकिन एक छोटी-सी चूक ने पूरे माहौल को बदल दिया।
कैसे लगी आग? (Fire in COP30 Brazil)
प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा फुटेज के अनुसार आग एक एग्जीबिशन पेवेलियन में दोपहर करीब 2 बजे भड़की। शुरुआती जांच बताती है कि आग इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, संभवतः एक माइक्रोवेव से लगी – यानी वह जगह जहां दुनिया कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में समझौता करने आई थी, वहीं बेसिक इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की अनदेखी सामने आ गई (Fire in COP30 Brazil)।
कुछ ही सेकंड में आग ने अंदर लगे कपड़े के शेल को पकड़ लिया और लपटें दीवारों व छत तक भागीं। धुआं तेजी से फैलने लगा और ‘फायर! फायर!’ चिल्लाते लोग बाहर की ओर दौड़ पड़े। (Fire in COP30 Brazil)
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छह मिनट में कंट्रोल
फायर ब्रिगेड ने तेज कार्रवाई दिखाते हुए आग (Fire in COP30 Brazil) को सिर्फ छह मिनट में काबू कर लिया। लेकिन 19 लोग धुएं की वजह से बीमार पड़ गए।
आग (Fire in COP30 Brazil) से बहुत ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन बातचीत जरूर रुक गई, जो अब आज शुरू होगी।
COP30 में पहली बार रुकावट नहीं आई। इससे पहले आदिवासियों ने आयोजनस्थल में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था।
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सम्मेलन के समाप्त होने में 24 घंटे से भी कम समय बचा है। दुनिया के लगभग 200 देश एक ऐसे फैसले की तलाश में हैं जिसे ऐतिहासिक कहा जा सके। खुद ब्राजील ने कहा है कि अंतिम डील सिर्फ कागजी नहीं होगी, यह दुनिया की जलवायु कार्रवाई की गति तय करेगी।
लेकिन आग से फैली अफरातफरी ने इस नाजुक समय पर चर्चाओं को रोक दिया। अब शुक्रवार को सत्र दोबारा शुरू होने पर सभी की नजर होगी कि क्या COP30 वह वैश्विक समझौता दे पाएगा, जिसका इंतजार दुनिया सालों से कर रही है।



