

बेंगलुरु में शनिवार को एक अहम कार्यक्रम के दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (IAF Chief Amar Preet Singh) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से बताया कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान (Pakistani Fighter Jets) और एक AEW&C (Airborne Early Warning and Control Aircraft) को मार गिराया था।
यह खुलासा इसलिए भी खास है क्योंकि अब तक किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को हुए नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं रखा था।
एयर चीफ (IAF) मार्शल सिंह ने कहा ‘हमारे पास पांच पक्के किल्स हैं और एक बड़ा विमान, जो या तो ELINT था या AEW&C, जिसे करीब 300 किलोमीटर दूर से निशाना बनाया गया। यह अब तक का सबसे लंबी दूरी का दर्ज किया गया Surface-to-Air kill है।’
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राजनीतिक इच्छाशक्ति ने बदला खेल
IAF चीफ ने साफ कहा कि इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी ताकत रही राजनीतिक इच्छाशक्ति। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से सेना को खुला अधिकार दिया गया था कि ऑपरेशन कैसे और कितना आगे बढ़ाना है।
‘हमें बिल्कुल स्पष्ट निर्देश मिले थे। कोई बाहरी रोक नहीं थी। अगर कोई सीमा थी, तो वह हमारी खुद की बनाई हुई थी। हम खुद तय करते थे कि कितनी प्रतिक्रिया देनी है। तीनों सेनाओं में बेहतरीन तालमेल था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने सभी एजेंसियों को एक साथ लाने में अहम भूमिका निभाई।’
S-400 ने रोके दुश्मन के हथियार
भारतीय वायु रक्षा (Air Defence) को लेकर IAF चीफ ने कहा कि हाल ही में शामिल हुआ S-400 Missile System इस ऑपरेशन में गेम-चेंजर साबित हुआ।
अमर प्रीत सिंह (IAF Chief Amar Preet Singh) ने बताया कि S-400 की रेंज ने पाकिस्तान के विमान को इतनी दूरी पर रोके रखा कि वे अपने लॉन्ग-रेंज ग्लाइड बॉम्ब्स का इस्तेमाल ही नहीं कर पाए। हमारी डिफेंस लाइन को वे पार ही नहीं कर सके।
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सटीक वार, न्यूनतम नुकसान
सिंह ने बताया कि इस मिशन में भारत ने लॉन्ग-रेंज प्रिसिशन वेपन्स (Long-Range Precision Weapons) का इस्तेमाल किया। लक्ष्य साफ था – आतंकी ठिकाने तबाह हों, लेकिन नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने बहावलपुर (Bahawalpur) में जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के मुख्यालय पर की गई कार्रवाई की तस्वीरें दिखाईं और कहा कि यहां बमुश्किल कोई कोलैटरल डैमेज है। आसपास की इमारतें जस की तस हैं। हमारे पास न सिर्फ सैटेलाइट इमेज थीं, बल्कि स्थानीय मीडिया से मिली अंदर की तस्वीरें भी थीं, जो हमारे आकलन को सही साबित करती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं था, बल्कि यह भारत की रणनीतिक क्षमता और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का प्रमाण था। पाकिस्तान को साफ संदेश मिला कि भारत न सिर्फ आधुनिक हथियारों और एयर डिफेंस सिस्टम से लैस है, बल्कि राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में अब वह दृढ़ता भी है, जो किसी भी चुनौती का सीधा और सटीक जवाब दे सकती है।


