PCB conditions ICC meeting : टी-20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर बना सस्पेंस अब एक नए और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। जिस हाई-वोल्टेज मैच पर कुछ दिन पहले तक बहिष्कार की तलवार लटकी हुई थी, उसी को लेकर अब यू-टर्न की खबरें सामने आ रही हैं।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने आखिरकार अपना असली रंग दिखा दिया है। पहले वह स्वाभिमान, सम्मान और बराबर हक जैसी बातें कर रहा था, लेकिन अब अपनी असली औकात दिखा दी है। मोहसिन नकवी इस चक्कर में हैं कि किसी तरह से ICC से ज्यादा पैसे मिल जाएं।
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान विश्व कप में भारत के खिलाफ खेलने को तैयार तो है, लेकिन उसने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के सामने तीन अहम शर्तें रख दी हैं (PCB conditions ICC meeting)।
8 फरवरी को लाहौर में पीसीबी और आईसीसी के बीच एक हाई-लेवल मीटिंग हुई थी। बताया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान अपना बहिष्कार वापस लेता है तो वह आईसीसी से कुछ ठोस गारंटी चाहता है। पीसीबी ने कथित तौर पर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं (PCB conditions ICC meeting)।
पहली मांग आईसीसी के कुल रेवेन्यू में पाकिस्तान के हिस्से को बढ़ाने की है। दूसरी मांग भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज की बहाली से जुड़ी है। तीसरी शर्त हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने को लेकर है (PCB conditions ICC meeting)।
इन मांगों से साफ है कि पाकिस्तान ब्लैकमेलिंग का तरीका अपना रहा है। हालांकि उसकी शर्तें क्या मानने लायक हैं, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
रेवेन्यू इसलिए नहीं बढ़ सकता : पाकिस्तान का क्रिकेट की अर्थव्यवस्था में योगदान बेहद कम है। उसकी अपनी अर्थव्यवस्था इतनी खराब है कि उसे अपने मैचों के लिए सही स्पॉन्सर और ब्रॉडकास्टर नहीं मिलते। आईसीसी अगर पीसीबी का रेवेन्यू बढ़ाती है तो दूसरे बोर्ड भी ऐसी ही मांग करेंगे (PCB conditions ICC meeting)।
भारत क्यों खेलेगा : 2013 में भारत-पाकिस्तान के बीच आखिरी बार द्विपक्षीय सीरीज हुई थी। इसके बाद से दोनों सिर्फ ICC या ACC इवेंट में आमने-सामने होते हैं। भारत का साफ कहना है कि जब तक आतंकवाद नहीं रुकता, खेल शुरू नहीं हो सकता है (PCB conditions ICC meeting)।
आतंक के प्रायोजकों से हाथ क्यों मिलाना : एशिया कप में टीम इंडिया (Team India) ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। सूर्यकुमार यादव ने तो मोहसिन नकवी से ट्रॉफी भी नहीं ली। अभी तक वह ट्रॉफी नकवी चुराकर बैठे हैं। ऐसी सूरत में हाथ मिलाने का कोई तुक नहीं बनता। वैसे भी यह कोई नियम नहीं है।
पाकिस्तान को चाहिए वापसी का बहाना
पीसीबी और पाकिस्तान की सरकार पहले कह रही थी कि हम बांग्लादेश के साथ हैं, लेकिन उनकी शर्तों (PCB conditions ICC meeting) से पता चलता है कि उन्हें केवल पैसा चाहिए। पाकिस्तान वह चाह रहा है, जो उसकी हैसियत के बाहर है।
आईसीसी ने पहले ही चेताया है कि अगर मैच का बहिष्कार किया, तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। पाकिस्तान बहाना तलाश रहा है कि कैसे वह बहिष्कार के फैसले को वापस ले। सूत्रों के मुताबिक, अगर आईसीसी ने एक भी मांग मान ली, तो पीसीबी मैच खेलने के लिए तैयार हो जाएगा (PCB conditions ICC meeting)।



