
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम के बाद अब सबकी नजर 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पर टिकी है। इस वार्ता से पहले ईरान ने अपनी 10-सूत्रीय शांति योजना (Iran 10 conditions for ceasefire) पेश की है, जिसमें उसने अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रखी हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस योजना के अलग-अलग संस्करणों को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने इस योजना को धोखाधड़ी तक बता दिया है।
यह भी पढ़ें : Shehbaz Sharif draft tweet : ट्विटर पर कॉपी-पेस्ट खेल रहे थे शहबाज शरीफ
ईरान की 10 बड़ी शर्तें (Iran 10 conditions for ceasefire)
https://twitter.com/Iran_in_India/status/2041696597302759425
- होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण : Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही ईरानी सेना की निगरानी और समन्वय में होगी।
- सुरक्षित ट्रांजिट सिस्टम : होर्मुज में एक ऐसा सुरक्षित सिस्टम बनाया जाए, जिसमें ईरान की मुख्य भूमिका हो।
- सभी हमले तुरंत बंद हों : रेजिस्टेंस एक्सिस (ईरान समर्थित समूहों) के खिलाफ सभी सैन्य कार्रवाई और हमले पूरी तरह रोक दिए जाएं। (Iran 10 conditions for ceasefire)
- अमेरिका अपनी सेना हटाए : अमेरिका को क्षेत्र में अपने सभी सैन्य ठिकानों और बेस से सेना वापस बुलानी होगी।
- भविष्य में हमला नहीं करने की गारंटी : अमेरिका लिखित में भरोसा दे कि वह आगे कभी ईरान पर हमला नहीं करेगा।
- सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं : ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध खत्म किए जाएं। (Iran 10 conditions for ceasefire)
- जब्त संपत्तियां वापस मिले : विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की संपत्तियों को वापस किया जाए।
- युद्ध का मुआवजा : इस संघर्ष में हुए नुकसान की पूरी आर्थिक भरपाई ईरान को दी जाए।
- UNSC से मंजूरी : इन सभी शर्तों को United Nations Security Council के बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए लागू किया जाए। (Iran 10 conditions for ceasefire)
- परमाणु कार्यक्रम पर शर्त : ईरान के परमाणु कार्यक्रम में एनरिचमेंट यानी संवर्धन को मान्यता दी जाए। हालांकि यही बिंदु सबसे बड़ा विवाद बन गया है, क्योंकि अंग्रेज़ी वर्जन में यह साफ नहीं है।
ईरान की ये शर्तें (Iran 10 conditions for ceasefire) सिर्फ युद्ध रोकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की ताकत के संतुलन को बदल सकती हैं। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे वैश्विक राजनीति पर बड़ा असर डालते हैं।



