
मुंबई के दादर कबूतरखाना (Dadar Kabutarkhana) में बुधवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब जैन समुदाय के सैकड़ों लोगों ने बीएमसी (BMC) द्वारा लगाए गए तिरपाल को जबरन हटा दिया। इस तिरपाल को सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए लगाया गया था। लेकिन इस फैसले के विरोध में जैन समुदाय खासकर महिलाएं सड़क पर उतर आईं। कई महिलाएं तो बांस की बैरिकेडिंग पर भी चढ़ गईं।
कबूतरों को दाना डालने पर बवाल क्यों?
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay HC) ने स्वास्थ्य कारणों (health concerns) और बेतरतीब कबूतरों की आबादी (pigeon population surge) को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर कबूतरों को दाना डालने पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी आदेश के पालन में BMC ने दादर कबूतरखाना (Dadar Kabutarkhana) पर तिरपाल और प्लास्टिक नेटिंग लगाई थी ताकि लोगों को वहां दाना डालने से रोका जा सके।
लेकिन बुधवार को कम से कम 500 प्रदर्शनकारियों की भीड़ वहां पहुंची, बांस की बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और तिरपाल व जाल को हटा कर कबूतरों के बीच दाना (grain feeding) डाल दिया।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। जैन समुदाय के अनुसार, कबूतरों को दाना डालना उनकी धार्मिक परंपरा और जीव दया (Jeev Daya) का हिस्सा है। यह उनके लिए केवल एक आदत नहीं बल्कि धार्मिक कर्तव्य है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन को लेकर नाराजगी जताई, खासकर जब उन्होंने देखा कि कबूतरों के क्षेत्र में एक बड़ा बोरा भर अनाज डाल दिया गया था।
Dadar Kabutarkhana पर पुलिस तैनात
घटना के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन देर शाम तक किसी प्रदर्शनकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है।
वहीं बीएमसी के G-North वॉर्ड के सहायक आयुक्त विनायक विसपुते (Vinayak Vispute) ने कहा, हम दाना डालने पर प्रतिबंध जारी रखेंगे। मामला कोर्ट में है, आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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Dadar Kabutarkhana पर राजनीतिक विवाद भी गरमाया
Dadar Kabutarkhana पहुंचे गार्जियन मंत्री और मालाबार हिल के विधायक एमपी लोढ़ा (MP Lodha) ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पास के जैन मंदिर (Jain Temple) प्रशासन ने दावा किया कि उनका प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं था।
विपक्ष ने इस मौके पर सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) पर निशाना साधा। एनसीपी प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो (Clyde Crasto) ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर मंगलवार को “नियंत्रित दाना डालने” (controlled feeding) की अनुमति दी थी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।



