
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके (Muridke) से सामने आया एक वीडियो इस वक्त सुर्खियों में है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba – LeT) का टॉप कमांडर कासिम खुद यह स्वीकार करता दिख रहा है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में संगठन का सबसे बड़ा ठिकाना मारकज-ए-तैयबा (Markaz-e-Taiba) पूरी तरह तबाह हो गया।
वीडियो में कासिम खंडहर बने कैंप के बीच खड़ा है और साफ कहता है – मैं मारकज-ए-तैयबा के सामने खड़ा हूं, यह हमला में बर्बाद हो गया है। यहां से बड़े मुजाहिदीन तैयार हुए हैं। हम इसे दोबारा बनाएंगे और, और भी बड़ा करेंगे।
यह बयान सीधे-सीधे पाकिस्तान सरकार के उन दावों की पोल खोलता है जिसमें वह बार-बार भारत की कार्रवाई (Operation Sindoor) से किसी आतंकी ढांचे को नुकसान न होने की बात करता रहा है।
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ट्रेनिंग और आतंक का नेटवर्क
कासिम के एक और वीडियो में उसने युवाओं से अपील की कि वे दाउरा-ए-सुफ्फा (Daura-e-Suffa program) में शामिल हों। यह कोर्स धार्मिक कट्टरता और हथियारों की बुनियादी ट्रेनिंग का घातक मिश्रण है, जो लश्कर-ए-तैयबा को नई भर्ती देने का जरिया बनता है।
मारकज-ए-तैयबा (Markaz-e-Taiba Muridke) की स्थापना साल 2000 में हुई थी और यह लश्कर का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण ट्रेनिंग कैंप है।
फंडरेजिंग और पाकिस्तान की भूमिका
एजेंसी डोजियर के अनुसार, लश्कर अब इस तबाह हो चुके कैंप को फिर से खड़ा करने के लिए फ्लड रिलीफ (Flood Relief campaigns) के नाम पर फंड इकट्ठा कर रहा है। यह मुहिम खुद हाफिज सईद (Hafiz Saeed) चला रहा है, जो 26/11 मुंबई हमलों का गुनहगार है।
पाकिस्तान सरकार ने इसके लिए करीब PKR 4 करोड़ जारी भी किए हैं, जबकि लश्कर का अनुमान है कि इसे बनाने में 15 करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक खर्च होंगे। इस काम की निगरानी सीनियर कमांडर मौलाना अबू जर और यूनुस शाह बुखारी कर रहे हैं। काम को फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में 9 आतंकी ठिकाने तबाह
22 अप्रैल को लश्कर की एक विंग ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam terror attack) में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor strikes) शुरू किया और पाकिस्तान व पीओके में मौजूद 9 बड़े आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया।
इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय (JeM Bahawalpur HQ) और लश्कर का मुरिदके हेडक्वार्टर (LeT Muridke HQ) शामिल था।
इस कार्रवाई में कई बड़े आतंकी मारे गए – IC-814 हाईजैकर यूसुफ अजहर, मुरिदके का लश्कर चीफ अबू जुंदल और नग्रोता हमले (Nagrota attack 2016) के प्लानर का बेटा।
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