
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को संसद में संशोधित इनकम टैक्स बिल 2025 (Income Tax Bill 2025) पेश किया। यह बिल पिछले हफ्ते वापस लिए गए पुराने ड्राफ्ट की जगह आया है।
नया बिल (Income Tax Bill 2025) पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 (Income Tax Act 1961) को बदल देगा और इसे आसान भाषा व स्पष्ट स्ट्रक्चर में पेश किया गया है, ताकि टैक्स कानून समझने में दिक्कत न हो।
वित्त मंत्री का कहना है कि पहले वाला ड्राफ्ट ‘भ्रम से बचने’ और सही मैसेज देने के लिए हटाया गया। इसमें कई तकनीकी सुधार और शब्दों का सही इस्तेमाल किया गया है।
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संसदीय समीक्षा के बाद बड़े बदलाव
चयन समिति ने 285 सुझाव दिए थे, जिनमें से 32 को प्रमुख माना गया और अधिकतर को संशोधित बिल (Income Tax Bill 2025) में शामिल किया गया है।
लेट रिटर्न पर रिफंड का रास्ता खुला (Refund Claims)
पहले ड्राफ्ट में यह था कि अगर आपने समय पर रिटर्न नहीं भरा तो रिफंड नहीं मिलेगा। अब यह शर्त हटा दी गई है। अगर देरी आपकी गलती के बजाय बीमारी, पारिवारिक समस्या या टेक्निकल वजह से हुई है तो जेनुइन केस में रिफंड मिल सकेगा।
हाउस प्रॉपर्टी वैल्यूएशन में क्लैरिटी (House Property Valuation)
नए बिल (Income Tax Bill 2025) में ‘इन नॉर्मल कोर्स’ जैसी अस्पष्ट भाषा हटाई गई। अब टैक्स का आधार actual rent और deemed rent में से जो ज्यादा होगा, वही रहेगा।
डिडक्शन रूल्स में स्पष्टता (Standard Deduction Rules)
30% स्टैंडर्ड डिडक्शन अब municipal taxes के बाद लागू होगा। प्री-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट डिडक्शन अब self-occupied और let-out दोनों प्रॉपर्टी पर मिलेगा।
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पेंशन पर बराबरी (Commuted Pension Deduction)
अब गैर-कर्मचारियों को भी पूरी commuted pension deduction मिलेगी, जैसे कर्मचारियों को मिलती है, अगर वह LIC Pension Fund या Schedule VII में सूचीबद्ध फंड से मिल रही है।
बिजनेस प्रॉपर्टी टैक्सेशन में राहत (Commercial Property Taxation)
नए बिल (Income Tax Bill 2025) में ऐसा wording किया गया है कि अस्थायी रूप से खाली पड़ी बिजनेस प्रॉपर्टी पर notional rent से टैक्स नहीं लगेगा।
प्रॉपर्टी टैक्सेशन के नए नियम
बिल्डिंग और उससे जुड़ी जमीन से होने वाली आय Income from house property में आएगी, जब तक कि वह बिजनेस के लिए इस्तेमाल न हो। unrealised rent को गिना नहीं जाएगा।
municipal taxes घटाने के बाद 30% standard deduction मिलेगा। completion से पहले के इंटरेस्ट को 5 equal instalments में घटाया जा सकेगा।
नए टैक्स स्लैब (New Income Tax Slabs 2025)
Clause 202(I) के तहत
- ₹0 – ₹4,00,000 : Nil
- ₹4,00,001 – ₹8,00,000 : 5%
- ₹8,00,001 – ₹12,00,000 : 10%
- ₹12,00,001 – ₹16,00,000 : 15%
- ₹16,00,001 – ₹20,00,000 : 20%
- ₹20,00,001 – ₹24,00,000 : 25%
- ₹24,00,000 से ऊपर : 30%
Section 87A Rebate कैसे मिलेगी
- पुराने नियम में 5 लाख रुपये तक की आय पर 12,500 रुपये तक का टैक्स रिबेट मिलता है।
- नए नियम में 12 लाख रुपये तक की आय पर 60,000 रुपये तक रिबेट।
- 12 लाख से ऊपर रिबेट धीरे-धीरे घटेगा और टैक्स पेबल तक सीमित रहेगा।



