
रूस के अमूर क्षेत्र (Amur Region) में गुरुवार को एक बड़ा विमान हादसा हुआ, जब 49 लोगों को लेकर उड़ान भर रहा एक पैसेंजर प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया (Russia plane crash)। अंगारा एयरलाइंस (Angara Airlines) द्वारा संचालित यह विमान Tynda Airport के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। मौके पर पहुंचे बचाव दलों और हवाई सर्वेक्षण में कोई जीवित नहीं पाया गया है।
यह हादसा तब हुआ जब विमान Khabarovsk-Blagoveshchensk-Tynda रूट पर उड़ान भर रहा था। स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इसका संपर्क टूट गया। Tynda Airport पर लैंडिंग के दौरान विमान ने गो-अराउंड प्रक्रिया शुरू की, यानी लैंडिंग में रुकावट आने के बाद दोबारा उड़ान भरने की कोशिश की, लेकिन उसके तुरंत बाद संपर्क टूट गया।
रूसी न्यूज एजेंसी TASS के अनुसार, Tynda हवाई अड्डे के डायरेक्टर ने बताया कि विमान जमीन से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया (Russia plane crash)। घटनास्थल पर सर्वे कर रहे Mi-8 हेलिकॉप्टर के दल ने किसी के जीवित होने के संकेत नहीं देखे।
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इस दुर्घटना में यात्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्थानीय गवर्नर वासिली ऑरलोव (Vasily Orlov) के मुताबिक, विमान में 43 यात्री, जिनमें 5 बच्चे शामिल थे, और 6 क्रू मेंबर सवार थे। वहीं, रूस के आपातकाल मंत्रालय (Emergencies Ministry) ने बताया कि विमान में लगभग 40 लोग सवार थे।
Angara Airlines कौन है?
अंगारा एयरलाइंस रूस की सिबेरिया आधारित एक घरेलू विमान सेवा कंपनी है, जो विशेष रूप से पूर्वी रूस के दूर-दराज इलाकों को जोड़ने के लिए जानी जाती है। हालांकि इस एयरलाइन की सुरक्षा को लेकर पहले कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई थी।
इस सदी के कुछ बड़े विमान हादसे (Deadliest Plane Crashes of the 21st Century)
21वीं सदी में विमान हादसे सिर्फ तकनीकी त्रुटियों या मौसम की मार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इनमें राजनीतिक तनाव, सुरक्षा चूक और मानव त्रुटि की भी बड़ी भूमिका रही है। कुछ दुर्घटनाएं रहस्यमयी रहीं, तो कुछ ने विमानन नियमों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को हिला दिया। इन हादसों ने यह भी दिखाया कि आधुनिक टेक्नोलॉजी के बावजूद हवाई यात्रा आज भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।
सबसे रहस्यमय और विश्वभर में चर्चित विमान हादसा 2014 में मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान MH370 (Malaysia Airlines Flight MH370) का था। यह विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा था और अचानक रडार से गायब हो गया। विमान में 239 लोग सवार थे और आज तक उसका मुख्य मलबा नहीं मिला। यह हादसा आज भी अनसुलझा है और विमानन इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य बन चुका है।
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एक और बड़ा हादसा 2020 में ईरान में हुआ, जब यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट 752 को ईरानी सेना ने गलती से मिसाइल से उड़ा दिया। इसमें 176 लोग मारे गए। इस हादसे ने वैश्विक राजनीति और सैन्य सतर्कता पर सवाल उठाए।
2009 में एयर फ्रांस की उड़ान 447 अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 228 लोगों की मौत हुई। जांच में सामने आया कि मौसम और पायलट की तकनीकी त्रुटि इसकी वजह बनी।
2015 में जर्मनविंग्स की फ्लाइट 9525 हादसे का कारण और भी चौंकाने वाला था। सह-पायलट ने मानसिक बीमारी के चलते जानबूझकर विमान को फ्रेंच आल्प्स में गिरा दिया। इस हादसे में 150 लोगों की मौत हुई और इसके बाद पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पूरी एविएशन इंडस्ट्री में नई चर्चाएं शुरू हुईं।
भारत में भी कुछ बड़े विमान हादसे हुए, जिनमें 2020 का कोझिकोड एयर इंडिया एक्सप्रेस क्रैश शामिल है। भारी बारिश के कारण रनवे से फिसलकर विमान घाटी में गिरा, जिससे 21 लोगों की जान चली गई।
लेकिन इसी साल जून में अहमदाबाद में हुआ एयर इंडिया फ्लाइट AI171 का हादसा अब तक का सबसे बड़ा और दुखद रहा। लंदन के लिए उड़ान भरते ही विमान टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद इंजन बंद होने से शहर के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिर पड़ा। इस हादसे में 260 लोगों की जान गई, जिनमें विमान में सवार 241 यात्री और चालक दल के साथ-साथ जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे।



