
इस दिवाली Sovereign Gold Bond (SGB) में निवेश करने वालों के लिए खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घोषणा की है कि SGB 2020-21 Series-VII के बॉन्ड धारक अब अपनी होल्डिंग को समय से पहले रिडीम कर सकते हैं, और इस बार उन्हें मिलेगा करीब 153% का जबरदस्त रिटर्न (153% Return)।
क्या कहा RBI ने? (RBI Sovereign Gold Bond Redemption Announcement)
RBI ने बताया कि Sovereign Gold Bond 2020-21 Series-VII का प्रिमेच्योर रिडेम्प्शन (Premature Redemption) 20 अक्टूबर को किया जा सकता है। यह वही ट्रांज है जो 12 से 16 अक्टूबर 2020 के बीच निवेश के लिए खुली थी।
RBI की अधिसूचना के अनुसार, Sovereign Gold Bond को पांच साल पूरे होने के बाद ब्याज भुगतान की तारीख पर समयपूर्व रिडीम किया जा सकता है।
ध्यान रहे कि इन बॉन्ड्स की कुल अवधि 8 साल होती है, लेकिन निवेशक 5 साल बाद एग्जिट कर सकते हैं।
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कितना होगा रिटर्न? Sovereign Gold Bond Return Calculation)
RBI ने इस सीरीज के लिए रिडेम्प्शन प्राइस तय किया है, ₹12,792 प्रति ग्राम। 2020 में जारी होने के समय इसकी कीमत थी, ₹5,051 प्रति ग्राम। यानि निवेशकों को मिलेगा करीब ₹7,741 का लाभ।
यह कीमत 15, 16 और 17 अक्टूबर 2025 को सोने के औसत क्लोजिंग रेट्स (Average Gold Prices) के आधार पर तय की गई है।
क्यों पसंद करते हैं निवेशक Sovereign Gold Bond?
Sovereign Gold Bonds (SGBs) आज के समय में सोने में निवेश का सबसे सुरक्षित और समझदार विकल्प माने जाते हैं।
RBI का कहना है कि Sovereign Gold Bond में स्टोरेज या चोरी का खतरा नहीं रहता।
इसमें सोने की शुद्धता या मेकिंग चार्ज की कोई समस्या नहीं होती।
निवेशक को Gold Price Appreciation के साथ 2.5% वार्षिक ब्याज भी मिलता है, जो हर छह महीने में दिया जाता है।
बॉन्ड्स RBI या Demat Account में सुरक्षित रहते हैं, जिससे किसी प्रकार का फिजिकल नुकसान नहीं होता।
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कैसे करें जल्दी रिडेम्प्शन? (How to Redeem Sovereign Gold Bond Early)
जो निवेशक 5 साल पूरे होने के बाद रिडेम्प्शन करना चाहते हैं, उन्हें निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
- अपने Bond Tranche की पुष्टि करें।
- Redemption Request समय से पहले बैंक या एजेंसी को जमा करें।
- ब्याज भुगतान की तारीख पर रिडेम्प्शन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
RBI ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे रिडेम्प्शन शेड्यूल और बैंक की प्रक्रियाओं को ध्यान से जांच लें।
अगर निवेशक 8 साल तक SGB होल्ड करते हैं, तो उन्हें टैक्स-फ्री रिटर्न का फायदा मिलता है। वहीं, जल्दी रिडेम्प्शन करने वालों के लिए कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gain Tax) नियम लागू होते हैं, लेकिन ब्याज से होने वाली कमाई हर छह महीने पर सीधे बैंक खाते में आती रहती है।
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