
Surajkund Mela accident : हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2026 के दौरान शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। मेले के झूला क्षेत्र में एक झूला अचानक संतुलन खो बैठा और गिर गया। इस हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि करीब 13 लोग घायल हो गए।
यह घटना शाम करीब 6:15 बजे की बताई जा रही है, जब झूले पर लगभग 15 लोग सवार थे। अचानक झूला एक ओर झुक गया और देखते ही देखते नीचे गिर पड़ा। झूला गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे (Surajkund Mela accident)।
बचाव के दौरान शहीद हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद
इस हादसे में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद, पलवल में तैनात थे और सूरजकुंड मेले में ड्यूटी के लिए बुलाए गए थे। वे झूला क्षेत्र के इंचार्ज थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब झूला गिरने लगा तो उन्होंने लोगों को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान झूले का एक हिस्सा उनके चेहरे और सिर पर आकर लगा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया (Surajkund Mela accident)।
13 लोग घायल, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल लोगों को तुरंत बीके अस्पताल, फरीदाबाद सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों का इलाज चल रहा है और अधिकतर की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घायलों में पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। इसके अलावा, बचाव कार्य के दौरान एक स्टॉल संचालक राघव भी घायल हो गया, जिनके कंधे पर झूले की ग्रिल गिर गई। राघव ने बताया कि वह भी घायलों की मदद करने की कोशिश कर रहे थे (Surajkund Mela accident)।
घायलों की सूची : नीलय – सहायक उपनिरीक्षक, सुनील – आरोहा, जिला महेंद्रगढ़, हर्ष प्रकाश – ग्रेटर नोएडा, प्रशांत – धौलपुर, राजस्थान, अनिशा – फरीदाबाद, शिवानी – नोएडा सेक्टर 78, परविंदर
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घटना की सूचना मिलते ही फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि झूला संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और पूरे मामले (Surajkund Mela accident) की जांच कराई जाएगी। सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बचाव और राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस ने कुछ समय के लिए मीडिया को मौके से दूर रखा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस हादसे (Surajkund Mela accident) पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि घायलों को तत्काल और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं।
वहीं, हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
गेट नंबर-2 गिरने से एक और घायल
इसी दिन एक अलग घटना में सूरजकुंड मेले का गेट नंबर-2 भी गिर गया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे इलाज के लिए बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी सीटी और एमआरआई जांच कराई गई।
देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक मेलों में शामिल सूरजकुंड मेले में हर साल हजारों लोग पहुंचते हैं। इस हादसे (Surajkund Mela accident) के बाद मेले में सुरक्षा व्यवस्था और झूलों की तकनीकी जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या लापरवाही का नतीजा था।
पहले भी हो चुका है हादसा (Surajkund Mela accident)
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इससे पहले भी हादसा हो चुका है। 9 फरवरी 2019 को मेले के एम्यूजमेंट पार्क में एक डिस्को झूले में तकनीकी खराबी के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। झूले का हत्था टूटने से युवक झूले से लटक गया और सिर में गंभीर चोट आई। (Surajkund Mela accident)
घायल युवक की पहचान विकास झा के रूप में हुई थी, जो मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले थे और उस समय फरीदाबाद की अमर सिंह कॉलोनी, तिलपत में रहते थे। वह अपनी पत्नी और ससुर के साथ मेला देखने आए थे। हादसे के बाद उन्हें एंबुलेंस से एशियन अस्पताल ले जाया गया, जहां सिर का ऑपरेशन किया गया।
करीब 10 महीने तक होश न आने के बाद, पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मेला प्रबंधक के खिलाफ लापरवाही की एफआईआर दर्ज की थी। (Surajkund Mela accident)



