Trump Escalator Mystery : न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly 2025) के दौरान एक अजीब घटना ने सभी का ध्यान खींच लिया। जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप एस्केलेटर पर चढ़ रहे थे, तभी अचानक वह रुक गया (Trump Escalator Mystery)।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं – क्या यह किसी तरह की साजिश थी? क्या ट्रंप को बदनाम करने की कोशिश की गई?
लेकिन बाद में असली राज खुला और जो सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था।
साजिश नहीं, गलती थी (UN Clarification on Trump Escalator Stoppage)
UN प्रवक्ता स्टेफेन दुजारिक ने बताया कि एस्केलेटर की central processing unit ने दिखाया कि यह एक सुरक्षा मैकेनिज़्म की वजह से रुका था (Trump Escalator Mystery)।
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असल में, यह किसी हमले या अपमान की कोशिश नहीं थी, बल्कि ट्रंप के अपने कैमरामैन (Trump Cameraman) की वजह से ऐसा हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमरामैन बैकवर्ड चलते हुए ट्रंप और मेलानिया का वीडियो शूट कर रहा था। इसी दौरान उसने ऊपर लगे safety comb-step को गलती से ट्रिगर कर दिया। (Trump Escalator Mystery)
सोशल मीडिया पर बवाल
जैसे ही वीडियो सामने आया (Trump Escalator Mystery), सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।
एक यूजर ने लिखा कि यह मामूली मजाक नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा जोखिम भी हो सकता है, क्योंकि यह एक हेड ऑफ स्टेट से जुड़ा मामला है।
दूसरे ने तंज कसा कि अपने सबसे बड़े फंडर से यह अच्छा बर्ताव है। लोगों ने मेलानिया ट्रंप की भी तारीफ की है कि वह रुकी नहीं और चढ़ती रहीं।
ट्रंप ने इस घटना को मजाकिया अंदाज में लिया। उन्होंने कहा कि ये हैं दो चीजें जो मुझे संयुक्त राष्ट्र से मिलीं – एक खराब एस्केलेटर और एक खराब टेलीप्रॉम्प्टर।
लेकिन जहां ट्रंप ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, वहीं व्हाइट हाउस (White House) ने इसे गंभीर माना और तुरंत जांच के आदेश दिए।
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट (Karoline Leavitt) ने कहा कि अगर किसी ने जानबूझकर एस्केलेटर रोका है, तो उसे तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए (Trump Escalator Mystery)।
हालांकि, जांच में सामने आया कि यह किसी तरह की साजिश नहीं थी, बल्कि तकनीकी सुरक्षा फीचर और कैमरामैन की गलती का नतीजा था।
यह घटना भले ही हास्यास्पद लगे, लेकिन इसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा प्रोटोकॉल (International Security Protocols) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। किसी भी विश्व नेता के साथ ऐसी तकनीकी गड़बड़ी बड़ा जोखिम साबित हो सकती है।
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