
Vande Bharat Sleeper Train : भारतीय रेल यात्रियों के लिए नए साल की बड़ी सौगात सामने आई है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इसी महीने लॉन्च होने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी 2026 के दूसरे हिस्से में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) खास तौर पर लंबी दूरी और रात के सफर के लिए तैयार की गई है। यह पूरी तरह एयर-कंडीशन्ड ट्रेन होगी और यात्रियों को तेज रफ्तार के साथ विश्वस्तरीय सुविधाओं का अनुभव देगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) ने ट्रायल के दौरान 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर ली है। कोटा–नागदा सेक्शन में हुए हाई-स्पीड ट्रायल में ट्रेन की स्थिरता इतनी बेहतरीन रही कि पानी से भरे गिलास भी बिना छलके संतुलित रहे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह परीक्षण रेलवे सेफ्टी कमिश्नर की निगरानी में हुआ और ट्रेन ने नई पीढ़ी की तकनीक का सफल प्रदर्शन किया।
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गुवाहाटी–कोलकाता होगा पहला रूट
रेल मंत्री के मुताबिक, पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी (कामाख्या) और कोलकाता (हावड़ा) के बीच चलाई जाएगी। यह ट्रेन पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के यात्रियों के लिए बेहद अहम साबित होगी।
इस रूट से इन जिलों को होगा फायदा – असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन, बोंगाईगांव और पश्चिम बंगाल के कूचबिहार, जलपाईगुड़ी,
मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्दवान, हुगली और हावड़ा।
हर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे – 11 AC 3-टियर कोच, 4 AC 2-टियर कोच और 1 AC फर्स्ट क्लास कोच।
इस ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) में एक बार में 823 यात्री सफर कर सकेंगे। अगले छह महीनों में 8 और स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें उतारने की योजना है, जिससे 2026 के अंत तक इनकी संख्या 12 तक पहुंच जाएगी।
भारतीय रेलवे के अनुसार, गुवाहाटी से कोलकाता के बीच एक तरफ का संभावित किराया –
- AC 3-टियर: ₹2300
- AC 2-टियर: ₹3000
- AC फर्स्ट क्लास: ₹3600
Vande Bharat Sleeper Train की खास सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को यूरोपीय डिजाइन मानकों से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है।
- आरामदायक और कुशन वाले स्लीपिंग बर्थ।
- अपर बर्थ तक आसान पहुंच।
- सॉफ्ट नाइट लाइटिंग और डिजिटल डिस्प्ले।
- CCTV कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम।
- मॉड्यूलर पैंट्री यूनिट।
- विमान जैसे बायो-वैक्यूम टॉयलेट।
- दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष टॉयलेट।
- बेबी केयर एरिया और फर्स्ट क्लास में हॉट शॉवर।
- KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम।
- ऊर्जा बचाने के लिए रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग।
- ऑटोमैटिक दरवाजे और सील्ड गैंगवे।
- मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट।
- इमरजेंसी में ड्राइवर से सीधे संपर्क की सुविधा।
देशभर में 200 से ज्यादा स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें चलाने की योजना है। फिलहाल वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper Train) के दो प्रोटोटाइप रेक तैयार हो चुके हैं, जिन्हें BEML ने बनाया है। आगे चलकर BEML और ICF मिलकर 10 ट्रेनें बना रहे हैं। भारत–रूस जॉइंट वेंचर Kinet भी 10 रेक तैयार कर रहा है
टिटागढ़ रेल सिस्टम्स और BHEL को 80 स्लीपर ट्रेनसेट का ऑर्डर मिला है। आने वाले वर्षों में 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भारतीय रेलवे के नेटवर्क में शामिल की जाएंगी।
15 अगस्त 2027 को दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन
वंदे भारत के साथ-साथ रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2027 को भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है।
नवंबर में पीएम मोदी ने खुद गुजरात में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था और इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया था।
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