Why Stock Market Is Falling : भारतीय शेयर बाजार इस समय गहरे दबाव में है। बीते कुछ कारोबारी सत्रों में जिस तरह से सेंसेक्स और निफ्टी टूटे हैं, उसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि सिर्फ छह दिनों में बाजार से करीब 18.5 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ हो चुकी है।
सोमवार को भी गिरावट का सिलसिला नहीं थमा। सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूटकर 82,864 तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 150 अंकों से अधिक गिरकर 25,500 के नीचे चला गया। 2 जनवरी को जहां सेंसेक्स 85,762 के स्तर पर बंद हुआ था, वहीं अब तक वह करीब 2,900 अंक टूट चुका है। निफ्टी भी इस दौरान करीब 3 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गया है (Why Stock Market Is Falling)।
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शेयर बाजार के गिरने के पीछे सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई वजहें हैं।
अमेरिका से आ रही अनिश्चितता ने बढ़ाई बेचैनी
बाजार की कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से जुड़े संकेत हैं। डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर तस्वीर अब भी साफ नहीं है।
इस असमंजस ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जब तक यह स्पष्ट नहीं होता कि अमेरिका की टैरिफ नीति आगे किस दिशा में जाएगी, तब तक बाजार में भरोसा लौटना मुश्किल दिख रहा है (Why Stock Market Is Falling)।
हालांकि भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि बातचीत जारी है और दोनों देश अहम साझेदार हैं।
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विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
भारतीय बाजार पर एफआईआई की बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विदेशी निवेशक पिछले कई सत्रों से शेयर बेच रहे हैं (Why Stock Market Is Falling)।
9 जनवरी को ही विदेशी निवेशकों ने करीब 3,700 करोड़ रुपये के शेयर बाजार से निकाल लिए। जब विदेशी पैसा निकलता है, तो बाजार की रफ्तार अपने आप धीमी पड़ जाती है, और गिरावट गहरी हो जाती है।
ग्लोबल माहौल भी साथ नहीं दे रहा
दुनिया के दूसरे बाजारों से भी कोई राहत नहीं मिल रही। अमेरिका में फेडरल रिजर्व की भूमिका और उसकी स्वतंत्रता को लेकर उठे सवालों ने वैश्विक निवेशकों को बेचैन कर दिया है (Why Stock Market Is Falling)।
अमेरिकी बाजारों में कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा, और उसी का असर दलाल स्ट्रीट पर साफ दिखा।
कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता
भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतें हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रही हैं। हाल के दिनों में वेनेजुएला और ईरान से जुड़ी घटनाओं ने तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
हालांकि सोमवार को कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं दिखा, लेकिन पिछले हफ्ते तेल की कीमतों में आई तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। महंगा तेल महंगाई और आर्थिक दबाव – दोनों बढ़ाता है, और बाजार इसे पहले ही भांप लेता है।
फिलहाल बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल है। वोलैटिलिटी इंडेक्स भी बता रहा है कि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है (Why Stock Market Is Falling)।
ऐसे समय में जल्दबाजी से फैसले लेने के बजाय समझदारी यही है कि मजबूत कंपनियों पर नजर रखी जाए और वैश्विक घटनाओं, खासकर अमेरिका से आने वाले संकेतों को ध्यान से देखा जाए।



