
भारत में बजट (Union Budget) का मौसम आते ही एक अलग ही हलचल शुरू हो जाती है। बाजार की नजरें, टैक्सपेयर्स की उम्मीदें और सरकार की योजनाएं, सब कुछ एक ही दिन पर टिक जाता है। अब इस बार चर्चा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने करियर का एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही हैं। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा।
इस बार एक और दिलचस्प बात सामने आई है। 1 फरवरी 2026 को रविवार है और ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या बजट (Union Budget) सच में रविवार को पेश होगा? और अगर ऐसा हुआ तो इसका असर संसद से लेकर शेयर बाजार तक कैसे पड़ेगा? चलिए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
Budget Session 2026 कब से शुरू हो सकता है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Budget Session की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से हो सकती है। परंपरा के अनुसार बजट सत्र (Union Budget) की शुरुआत में राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हैं। इसके बाद सरकार बजट और उससे जुड़े जरूरी कामों को संसद में आगे बढ़ाती है।
भारत में 2017 से Union Budget सुबह 11 बजे पेश किया जा रहा है। पहले बजट शाम के समय आता था, लेकिन यह समय बदल दिया गया ताकि बजट के फैसलों को जल्दी लागू किया जा सके और वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही नई योजनाएं शुरू हो सकें।
Union Budget 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है?
इसका जवाब प्रशासनिक जरूरतों में छिपा है। दरअसल, पहले जब बजट फरवरी के आखिर में आता था, तब संसद के पास 31 मार्च तक पूरे बजट को पास करने का समय कम पड़ जाता था। ऐसे में सरकार को कई बार Vote on Account लाना पड़ता था, यानी कुछ समय के लिए अस्थायी खर्च की मंजूरी लेनी पड़ती थी। इससे कई योजनाओं का काम समय पर शुरू नहीं हो पाता था।
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लेकिन 2017-18 से इसे 1 फरवरी कर दिया गया, ताकि संसद पूरे बजट (Union Budget) को आराम से पास कर सके और सरकार 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही योजनाओं को लागू कर सके। इसका फायदा यह हुआ कि मंत्रालयों को बार-बार खर्च की अनुमति लेने की जरूरत कम हो गई और प्रोजेक्ट्स जल्दी शुरू हो पाए।
क्या भारत में पहले कभी रविवार को बजट पेश हुआ है?
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या बजट (Union Budget) रविवार को पेश किया जा सकता है? तो जवाब है, हां।
भारत में बजट (Union Budget) आमतौर पर वीकेंड पर कम पेश होता है, लेकिन ऐसा पहले भी हो चुका है। जैसे 2025 में बजट शनिवार को पेश किया गया था। इसी तरह 2015 भी बजट (Union Budget) शनिवार को ही आया था। यानी वीकेंड पर बजट पेश करना कोई नई बात नहीं है।
इतिहास में एक बड़ा बदलाव 1999 में भी हुआ था, जब बजट (Union Budget) पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया गया। पहले यह ब्रिटिश परंपरा के कारण शाम को पेश होता था, लेकिन बाद में भारत ने अपने हिसाब से इसे ज्यादा व्यावहारिक बनाया।
रविवार को बजट का निवेशकों पर असर
इस बार की सबसे खास बात यह है कि 1 फरवरी 2026 रविवार है और उसी दिन गुरु रविदास जयंती भी है। आमतौर पर रविवार को सरकारी दफ्तर और शेयर बाजार बंद रहते हैं।
ऐसे में अगर बजट (Union Budget) रविवार को पेश होता है, तो शेयर बाजार तुरंत रिएक्ट नहीं करेगा। इसका एक फायदा यह माना जा रहा है कि निवेशकों को सोमवार तक पूरा समय मिलेगा बजट को समझने और विश्लेषण करने का।
कई बार बजट (Union Budget) के दिन बाजार में अचानक तेज उतार-चढ़ाव हो जाता है और लोग बिना समझे खरीद-बिक्री कर बैठते हैं। लेकिन रविवार को बजट आने से निवेशक आराम से सोच सकते हैं कि बजट में किस सेक्टर को फायदा हुआ और किसको नुकसान।
निर्मला सीतारमण बनाने जा रही हैं नया रिकॉर्ड
अगर तय शेड्यूल के मुताबिक बजट (Union Budget) पेश होता है, तो निर्मला सीतारमण एक नया रिकॉर्ड भी बना देंगी। वह भारत की पहली वित्त मंत्री बन सकती हैं जो लगातार 9 केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
इससे पहले सबसे बड़ा रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है, जिन्होंने दो अलग-अलग कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए थे। वहीं पी चिदंबरम ने कुल 9 बजट और प्रणब मुखर्जी ने 8 बजट (Union Budget) पेश किए थे।
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निर्मला सीतारमण को 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया गया था और वह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भी इसी पद पर बनी हुई हैं।
आर्थिक सर्वे कब आएगा?
हर साल की तरह इस बार भी बजट से एक दिन पहले Economic Survey पेश किया जाता है। अगर वही परंपरा जारी रहती है, तो संभावना है कि 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को Economic Survey संसद में रखा जाए और 1 फरवरी 2026 (रविवार) को बजट (Union Budget) पेश हो।
हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए अंतिम फैसला आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
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