
Will Petrol Diesel Prices Fall : केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह टैक्स पूरी तरह हटा दिया गया है।
यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों तक न पहुंचे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भी कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों से बचाने के लिए उठाया गया है।
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आखिर क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम?
इस पूरे संकट की जड़ में है ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव। 28 फरवरी को जब युद्ध शुरू हुआ, तब कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन अब यह लगातार 100 डॉलर के ऊपर है।
दुनिया में 20 प्रतिशत तेल होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। ईरान की चेतावनियों और बीमा कंपनियों के पीछे हटने से यहां से तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
इससे उन देशों पर ज्यादा असर पड़ रहा है, जो तेल के मामले में आयात पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 88 फीसदी तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए वह भी प्रभावित है।
क्रूड में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। हालांकि कंपनियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से सरकार ने उनको एक्साइज ड्यूटी में राहत दी है।
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अब यह पूछा जा रहा है कि क्या एक्साइज ड्यूटी घटने से पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा (Will Petrol Diesel Prices Fall)? इसका सीधा जवाब है फिलहाल नहीं।
दरअसल, सरकार ने यह कटौती इसलिए की है ताकि तेल कंपनियां बढ़ती कीमतों का बोझ खुद उठा सकें और उपभोक्ताओं पर सीधा असर न पड़े। यानी अगर यह कटौती नहीं होती, तो पेट्रोल करीब 24 रुपये और डीजल करीब 30 रुपये प्रति लीटर महंगा हो सकता था (Will Petrol Diesel Prices Fall)।
इस समय सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum कीमतें नहीं बढ़ा रही हैं, बल्कि नुकसान झेल रही हैं।
निजी कंपनियां क्या कर रही हैं?
जहां सरकारी कंपनियां कीमतें स्थिर रखे हुए हैं, वहीं निजी कंपनियां कुछ हद तक कीमत बढ़ा चुकी हैं। Nayara Energy ने पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये की बढ़ोतरी की है।
वहीं Reliance Industries और BP का जॉइंट वेंचर Jio-bp अभी तक कीमतें नहीं बढ़ा रहा, लेकिन उसे भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है (Will Petrol Diesel Prices Fall)।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) के अनुसार, सरकार के सामने दो विकल्प थे, या तो कीमतें बढ़ाई जाएं या खुद टैक्स कम करके बोझ उठाया जाए। सरकार ने दूसरा रास्ता चुना, ताकि आम लोगों पर सीधा असर न पड़े।
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