
बदरीनाथ धाम से
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने कहा तीर्थ की मर्यादाएं बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आमोद-प्रमोद के लिए न आएं। यदि सात्विक भाव से आएंगे, तो उनको आध्यात्मिक लाभ अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि विधर्मियों का चारों धामों (Char Dham) में प्रवेश वर्जित किया जाना चाहिए।
बदरीनाथ (Badrinath) स्थित शंकराचार्य आश्रम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा संसद में मनुस्मृति के बारे में दिए बयान से सनातन धर्मी आहत हैं। इस बारे में उन्होंने तीन माह पूर्व स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कांग्रेस नेता द्वारा अभी तक कोई उतर नहीं दिया गया।
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने इस पर राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की सार्वजनिक घोषणा की।
उन्होंने कहा कि लोग तीर्थ स्थल में अमर्यादित व्यवहार न करें। इससे धामों की महत्ता के साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था पर भी ठेस पहुंचती है ।
शंकराचार्य (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) बोले – तीर्थाटन और पर्यटन में अंतर
उन्होंने कहा कि जब भी आप अपने घर से यात्रा पर निकलें तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि तीर्थ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन के अंतर को समझना जरूरी है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने कहा कि चार धाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओ के दर्शन की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। देव भूमि से यह संदेश न जाए कि श्रद्धालुओं को बिना दर्शन के लौटना पड़ा।
उन्होंने विधर्मियों का चारों धामों (Char Dham) में प्रवेश पूर्ण रूप से वर्जित किए जाने की बात कही। शंकराचार्य बोले – ऐसा देखने और सुनने में आता है कि दूसरे धर्म के लोग चार धामों और यात्रा पड़ावों में बिना किसी रोक-टोक के आवागमन कर रहे हैं। इस पर सरकार और शासन को कड़े कदम उठाने होंगे।
उन्होंने उत्तराखंड की चार धाम यात्रा व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिया। कहा कि यात्रियों को जो समस्या हो, उसके बारे में लिखित में दें और सरकार इसका संज्ञान लेकर निराकरण करे।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के शहीदों की आत्मा की शांति के लिए ज्योतिर्मठ की ओर से ब्रह्म कपाल तीर्थ में श्राद्ध किया जाएगा।
इस अवसर पर दंडी स्वामी मुकुंदा नंद गिरी, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के केंद्रीय अध्यक्ष उमेश सती, स्वामी आत्मा नंद आदि उपस्थित रहे।
https://uplive24news.blogspot.com/2025/04/why%2056%20bhog%20are%20offered%20to%20lord%20krishna.html



