
CJP Protest Live : केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने अपने लेटर में यह लिखा –
मेरे युवा साथियों,
मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।
किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।
पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
16 जुलाई को घोषित नीट- यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।
परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।
मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।
पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है।
देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।
जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।
प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।
आपका,
धर्मेंद्र प्रधान
CJP Protest Live : नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। संगठन ने कहा है कि सरकार के साथ होने वाली बैठक से पहले उसे यह स्पष्ट करना होगा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जाएगा या नहीं।
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने शनिवार दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच बैठक का समय दिया है। हालांकि, बैठक का स्थान अभी तय नहीं हुआ है।
रांका ने कहा कि संगठन चाहता है कि जिन दो मांगों पर सरकार सिद्धांततः सहमत हो चुकी है, उन पर लिखित आश्वासन दिया जाए। इसके अलावा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी सरकार को ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब देना चाहिए (CJP Protest Live)।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब अधिक चर्चा की गुंजाइश नहीं बची है और संगठन स्पष्ट जवाब चाहता है।
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CJP प्रमुख अभिजीत दिपके को हुआ टाइफाइड
आंदोलन के बीच सीजेपी के संस्थापक और प्रमुख अभिजीत दिपके की तबीयत बिगड़ गई है। दिपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है (CJP Protest Live)।
दिपके पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। बीमारी की जानकारी सामने आने के बाद समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
दिल्ली पुलिस को CJP की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में दावा किया था कि उसने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल 2,000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है (CJP Protest Live)।
इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि सीजेपी भी उन पुलिसकर्मियों की सूची जारी करेगा, जिन पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप हैं (CJP Protest Live)।
रांका ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने छात्रों के सिर फोड़े, स्वयंसेवकों की पसलियां तोड़ीं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि संगठन इन पुलिसकर्मियों की पहचान जनता की मदद से करेगा और सूची सार्वजनिक करेगा।
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पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को करेगा सुनवाई
नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी विवादों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर दो जनहित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को सुनवाई करेगा (CJP Protest Live)।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले का उल्लेख किए जाने के बाद सुनवाई के लिए सहमति दी।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल का इस्तेमाल किया (CJP Protest Live)।
मुंबई प्रदर्शन में पुलिसकर्मी पर लगे आरोप
इस बीच मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए CJP प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी पर महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है (CJP Protest Live)।
डीसीपी (ऑपरेशन) अकबर पठान ने कहा कि संबंधित अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान महिला बीच में आ गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो की विस्तार से जांच की है और किसी प्रकार के दुराचार की पुष्टि नहीं हुई है।
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सोनम वांगचुक ने ‘डील’ के आरोपों को किया खारिज
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के साथ किसी भी तरह की ‘डील’ होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है (CJP Protest Live)।
उन्होंने कहा कि उन्होंने 26 दिन का अनिश्चितकालीन अनशन केवल इसलिए समाप्त किया ताकि छात्रों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न हो और दिल्ली में किसी संभावित हिंसा या पुलिस कार्रवाई को रोका जा सके।
वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया (CJP Protest Live)।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सितंबर 2025 में लद्दाख में युवाओं पर हुई पुलिस और सीआरपीएफ की फायरिंग की घटना याद थी। उन्हें आशंका थी कि दिल्ली में भी वैसी स्थिति बन सकती है, इसलिए उन्होंने शांति और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी (CJP Protest Live)।



