

श्रावण का महीना… भोलेनाथ की पूजा का समय… और बिहार की राजनीति (Bihar politics) में मटन की खुशबू से मचा हुआ है घमासान। जहां एक तरफ शिवभक्त व्रत रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नेताओं की ‘मटन पार्टी’ ने सियासत में हलचल मचा दी है। चुनावी मौसम में बिहार की विधानसभा से लेकर गांव-कस्बों तक मटन रोगनजोश (Mutton Rogan Josh) चर्चा का केंद्र बन गया है।
तेजस्वी यादव ने उठाया मटन का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक वीडियो पोस्ट कर बीजेपी विधायकों (BJP MLAs) पर निशाना साधा है, जिसमें विधानसभा में ‘मटन रोगनजोश’ परोसे जाने का दृश्य है। यह घटना उस दिन की है जब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हुआ, और वह दिन श्रावण का दूसरा सोमवार (Shravan Somwar) था।
तेजस्वी का कहना है, ‘हमें किसी के खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) को दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए। एक ओर वे विपक्ष पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हैं, वहीं उनकी पार्टी के नेता श्रावण में मटन खा रहे हैं।’ इसके बाद बिहार की राजनीति (Bihar politics) गर्मा गई।
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तेजस्वी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इस पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
BJP का पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता मनोज शर्मा (Manoj Sharma) ने कहा, ‘तेजस्वी जी को चुनाव पर ध्यान देना चाहिए, न कि ये देखने पर कि कौन क्या खा रहा है। क्या अब नेता CCTV देखकर तय करेंगे कि किसने मटन खाया?’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा में वेज और नॉनवेज दोनों विकल्प थे, किसी के खाने से राजनीति नहीं बनती।
ललन सिंह की मटन पार्टी भी बनी विवाद
यह पहली बार नहीं है जब बिहार की राजनीति (Bihar politics) में श्रावण में मटन चर्चा में आया है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री ललन सिंह (Rajiv Ranjan alias Lalan Singh) ने अपने लोकसभा क्षेत्र लखीसराय में समर्थकों के लिए मटन पार्टी दी। वीडियो में वह कहते दिखे कि ‘शाकाहारी और मांसाहारी, दोनों इंतजाम किए गए हैं।’
तेजस्वी ने तब भी तंज कसते हुए कहा था, ‘भाजपा अब कहेगी कि ललन सिंह ने अपने लोगों और कार्यकर्ताओं को मटन खिलाया, यह तो पुण्य है। ललन सिंह उनके सहयोगी और केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए BJP अब कुछ नहीं कहेगी। कल जब पीएम यहां आएंगे, तो मुझे उम्मीद है कि वह ललन सिंह पर बोलेंगे कि उन्होंने सावन में मटन खिलाया।’
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प्रशांत किशोर की ‘बिरयानी’ पर भी सवाल
बिहार की राजनीति (Bihar politics) में बिरयानी भी बवाल खड़ा कर चुकी है। जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने किशनगंज में अपनी जनसभा के बाद लोगों को बिरयानी खिलाई।
बाद में टीवी चैनलों पर फुटेज दिखी जिसमें लोग बिरयानी के पैकेट लेने के लिए टूट पड़े। विवाद बढ़ा तो प्रशांत किशोर की टीम ने सफाई दी, ‘बिरयानी वेज थी, नॉनवेज नहीं।’ हालांकि राजनीतिक बहस तब तक तूल पकड़ चुकी थी।
लालू-राहुल की ‘मटन डिप्लोमेसी’
2023 में भी मटन श्रावण में सुर्खियों में था जब लालू यादव (Lalu Yadav) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के लिए अपने घर पर मटन पकाया था। देसी अंदाज में मटन पकाते हुए लालू का वीडियो वायरल हुआ था और NDA नेताओं ने इसे ‘सनातन पर चोट’ कहा था।
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