
दिवाली से पहले जब पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) आता है, तो उसे साल का सबसे शुभ निवेश काल कहा जाता है। इस साल यह योग और भी खास है, क्योंकि पुष्य नक्षत्र दो दिन – 14 और 15 अक्टूबर तक रहेगा।
पहले दिन यानी मंगलवार को मंगल पुष्य योग बन रहा है, जिसमें सिद्धि योग का भी संयोग है। वहीं अगले दिन, बुधवार को बुध पुष्य नक्षत्र रहेगा, जो साध्य योग के साथ जुड़ा होगा।
ज्योतिष के अनुसार, ये दोनों दिन नए निवेश, खरीदारी और व्यवसाय आरंभ करने के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
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पुष्य नक्षत्र कब से कब तक (Pushya Nakshatra Date and Time 2025)
पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) की शुरुआत : 14 अक्टूबर को सुबह 11.53 बजे से
पुष्य नक्षत्र का समापन : 15 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक
पुष्य नक्षत्र में खरीदारी के शुभ मुहूर्त (Pushya Nakshatra Shopping Shubh Muhurat)
14 अक्टूबर को शुभ समय –
सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 01 बजकर 33 मिनट तक
दोपहर 03 बजे से शाम 04 बजकर 26 मिनट तक
शाम 07 बजकर 26 मिनट से रात 09 बजे तक
15 अक्टूबर को शुभ समय – दोपहर 12 बजे तक
अगर आप इन दो दिनों में खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं, तो चिंता की बात नहीं है – दिवाली (20 अक्टूबर) तक और भी कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें आप सोना, वाहन, बीमा, प्रॉपर्टी, या पूजन सामग्री जैसी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।
पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) को सभी नक्षत्रों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसके स्वामी शनि देव हैं, लेकिन यह नक्षत्र अपनी प्रकृति में शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।
इस नक्षत्र में किया गया कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और सफलता देता है। यही कारण है कि व्यापारी वर्ग इस दिन नई दुकान, खाता-बही, या नए सौदे की शुरुआत को शुभ मानते हैं।
इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और गणेशजी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
विष्णु मंत्र – ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
लक्ष्मी मंत्र – ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
इनका जाप इस दिन धन, बुद्धि और समृद्धि की वृद्धि करता है।
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अगर निवेश या खरीदारी सोच रहे हैं, तो ये चीजें सबसे शुभ मानी गई हैं :
- सोना और चांदी
- वाहन (टू-व्हीलर, कार, कमर्शियल व्हीकल)
- फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान
- नई बीमा योजनाएं, बैंक एफडी
- जमीन-जायदाद, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स
- धार्मिक वस्तुएं और रत्न
- खेती से जुड़ी वस्तुएं, खाद-बीज
- व्यापारिक दस्तावेज या नया व्यवसाय आरंभ करना
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पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) के बाद दिवाली तक बने रहेंगे शुभ योग
16 से 20 अक्टूबर 2025 तक हर दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति शुभ बनी रहेगी। इन पांच दिनों में आप अपनी जरूरत और मनोकामना के अनुसार विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।
पहला दिन : 16 अक्टूबर (गुरुवार) – मघा नक्षत्र और दशमी तिथि
इस दिन लीडरशिप डिसीजन, बिजनेस डील, नई जॉब, या किसी बड़े समझौते पर साइन करना बेहद शुभ रहेगा। अगर आप नया प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं, तो यह दिन आपके लिए सफलता का द्वार खोल सकता है।
दूसरा दिन : 17 अक्टूबर (शुक्रवार) – पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, एकादशी-द्वादशी तिथि
घर की सजावट, फर्निशिंग, लाइटिंग, मोबाइल, या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने का दिन। यह दिन गृहसज्जा और नई ऊर्जा के आगमन का प्रतीक माना गया है।
तीसरा दिन : 18 अक्टूबर (शनिवार) – उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और धनतेरस
सोना, चांदी, बर्तन, कलश, लक्ष्मी-कुबेर प्रतिमा, और हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े दस्तावेज़ों पर साइन करने का सबसे शुभ दिन। धनतेरस पर खरीदारी करना स्वयं में शुभता का प्रतीक है।
चौथा दिन : 19 अक्टूबर (रविवार) – रूप चतुर्दशी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
इस दिन वाहन खरीदारी, प्रॉपर्टी निवेश, और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट जैसे निर्णय लेना फायदेमंद रहेगा। रविवार का दिन आत्मबल और उन्नति का प्रतीक होता है।
पांचवां दिन : 20 अक्टूबर (सोमवार) – हस्त नक्षत्र और दीपावली
सोना, सिक्के, गहने, श्रीयंत्र, बहीखाता या पूजन सामग्री खरीदना इस दिन शुभ माना गया है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ नए साल की वित्तीय शुरुआत करना अत्यंत फलदायी होगा।
बुध पुष्य नक्षत्र का विशेष महत्व
बुध ग्रह धन, बुद्धि और व्यापार का कारक है, जबकि पुष्य नक्षत्र उन्नति और समृद्धि का प्रतीक। इस संयोग में किया गया कार्य अत्यंत शुभ फल देता है। इस दिन संपत्ति खरीदना, नया व्यवसाय शुरू करना, या निवेश करना दीर्घकालिक लाभ देता है।
बुध पुष्य योग में मंत्र जाप, दान और गौ-सेवा विशेष लाभकारी मानी गई है। गाय को हरा चारा खिलाना, गरीबों को भोजन कराना, जरूरतमंदों को वस्त्र या धन देना – ये सब कर्म पुण्यफल को कई गुना बढ़ा देते हैं।
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