
सनातन परंपरा में कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि को विशेष रूप से पवित्र माना गया है। इस दिन को हम नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi), रूप चतुर्दशी (Roop Chaturdashi) या छोटी दिवाली (Chhoti Diwali) के नाम से जानते हैं। दीपावली से ठीक एक दिन पहले आने वाला यह पर्व न सिर्फ प्रकाश और सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह यम देवता (Yam Devta) और भगवान हनुमान की आराधना का भी शुभ अवसर है।
नरकासुर वध की कथा (Narakasura Vadh Story)
हिंदू मान्यता के अनुसार, नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi) के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक अत्याचारी राक्षस का वध किया था। नरकासुर ने 16,000 स्त्रियों को बंदी बना लिया था, जिन्हें श्रीकृष्ण ने मुक्त कराया। इसीलिए यह दिन अंधकार और अधर्म पर प्रकाश और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन (Narak Chaturdashi) सुबह सूर्योदय से पहले उबटन (Ubtan) लगाकर अभ्यंग स्नान करने की परंपरा है। यह न केवल शारीरिक पवित्रता का प्रतीक है, बल्कि आत्मिक शुद्धि का भी माध्यम माना जाता है। कहा जाता है कि इस स्नान से व्यक्ति सभी नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्त होता है।
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यम दीप दान का महत्व (Yam Deep Daan Significance)
छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi) की शाम को यम देवता (Lord Yamraj) के लिए विशेष रूप से दीपदान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन यम देवता के नाम पर दीप जलाने से व्यक्ति को नरक जाने के भय से मुक्ति मिलती है।
प्रदोषकाल में 14 दीये जलाकर उन्हें घर के दरवाजे, आंगन, छत और बालकनी में रखा जाता है। इन दीयों में सरसों का तेल प्रयोग करना शुभ माना गया है।
नरक चतुर्दशी में दीपदान का शुभ मुहूर्त (Narak Chaturdashi 2025 Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2025 में नरक चतुर्दशी पर दीपदान का शुभ समय होगा :
- गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): शाम 05:47 से 06:13 बजे तक
- सायंकालीन मुहूर्त (Evening Muhurat): शाम 05:47 से 07:03 बजे तक
इन दोनों में से किसी भी समय यम दीप दान करना शुभ माना जाता है।
छोटी दिवाली का महाउपाय (Chhoti Diwali Maha Upay)
सनातन परंपरा के अनुसार, इस दिन गाय के गोबर से बने दीये जलाने से व्यक्ति को यम की यातनाओं से मुक्ति मिलती है।
प्रदोषकाल में चार बाती वाला दीपक जलाकर यम मंत्र (Yam Mantra) का जप करने से यम और प्रेत बाधा का भय समाप्त हो जाता है। यह उपाय घर में शांति, सौभाग्य और लंबी आयु का आशीर्वाद देता है।
दीयों का धार्मिक और आध्यात्मिक अर्थ
छोटी दिवाली (Chhoti Diwali) पर जलाए गए दीये अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की यात्रा के प्रतीक हैं। यह दिन याद दिलाता है कि छोटी-सी लौ भी सबसे गहरे अंधकार को मिटा सकती है।
बड़ी दिवाली की तुलना में इस दिन जलाए गए दीये कम होते हैं, लेकिन उनका महत्व अत्यधिक होता है। ये दीये घर से नकारात्मकता दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
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