
दिल्ली के लाल किला (Red Fort Blast) के पास सोमवार शाम हुए भीषण विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि बीस से अधिक लोग घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज में विस्फोट से पहले एक सफेद Hyundai i20 (HR 26CE 7674) कार दिखाई दे रही है, जो घटना से पहले दो घंटे तक पास के पार्किंग एरिया में खड़ी थी। (Delhi Red Fort Blast Suspect)
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह वही कार है जिसमें विस्फोट हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वाहन को उमर नामक व्यक्ति चला रहा था, जो फरीदाबाद के एक विस्फोटक मामले में पहले से ही फरार चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज में उसे कार चलाते हुए और नीले-काले टी-शर्ट में देखा गया है। (Delhi Red Fort Blast Suspect)
विस्फोट शाम 6 बजकर 52 मिनट पर हुआ, जब कार सब्जी मंडी के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल, रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के निकट पहुंची। उस समय सड़क पर भारी भीड़ थी, जिससे हादसे का प्रभाव और भी भयावह हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक के बाद एक 5-6 कारें, 4 मोटरसाइकिलें और 3 ई-रिक्शा आग की चपेट में आ गईं। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पास के सीस गंज गुरुद्वारा के आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर उस समय बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक था, जिसके कारण हताहतों की संख्या अधिक रही।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, जबकि दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, NIA और FSL की टीमें कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि क्राइम ब्रांच और स्पेशल ब्रांच की टीमें दस मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गईं। (Delhi Red Fort Blast Suspect)
शाह ने कहा कि मैंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों से बात की है। हम हर संभावना की जांच कर रहे हैं और पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होगी।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने बताया कि विस्फोट तब हुआ जब धीमी गति से चल रही कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी। आसपास की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और कई लोगों की जान चली गई। पुलिस ने घटना की जांच के लिए मामला दर्ज किया है।
मामले को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act), Explosives Act, और भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की विभिन्न धाराओं के तहत कोतवाली थाने में दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसियां अब तक 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी हैं, जिनमें नजदीकी टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार गुरुग्राम निवासी सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसे बाद में पुलवामा के तारिक को बेचा गया था।
अधिकारियों को शक है कि यह विस्फोट फरीदाबाद में उसी दिन पकड़े गए विस्फोटक सामान से जुड़े किसी बड़े साजिश का हिस्सा हो सकता है। (Delhi Red Fort Blast Suspect)
दमकल विभाग को शाम 6:55 बजे पहला एसओएस कॉल मिला, जिसके बाद सात फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
अगर यह मामला आतंकी हमले (Terror-related attack) के रूप में पुष्टि होता है, तो यह 2011 के दिल्ली हाई कोर्ट ब्लास्ट के बाद राजधानी दिल्ली का सबसे बड़ा धमाका होगा।



