
Maharashtra local body elections : महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। मंगलवार, 2 दिसंबर को राज्य की 242 नगर परिषदों और 46 नगर पंचायतों में वोटिंग होगी। सुबह होते ही मतदान केंद्रों पर चहल-पहल शुरू हो जाएगी और शाम 5 बजे तक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। यह पूरा चुनाव प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद शुरू हुई है, जिसमें कहा गया था कि राज्य में लंबित स्थानीय चुनाव किसी भी हाल में टाले न जाएं और 2026 की शुरुआत तक इन्हें पूरा कर लिया जाए।
हालांकि मतदान (Maharashtra local body elections) से पहले ही कई जिलों में कानूनी उलझनों ने माहौल गर्मा दिया है। ठाणे, पुणे और अहिल्यनगर जिलों में कुछ निकायों के चुनाव अभी नहीं होंगे। नामांकन वापसी की समयसीमा, चुनाव चिन्हों के आवंटन और रिटर्निंग अधिकारियों के फैसलों पर हुई शिकायतों ने चुनावी प्रक्रिया को उलझा दिया था।
कई उम्मीदवारों को नियमों के मुताबिक नामांकन वापस लेने के लिए निर्धारित समय ही नहीं मिला और कुछ मामलों में अदालतों के फैसले देर से आए। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने उन निकायों के चुनाव 20 दिसंबर तक टाल दिए हैं, ताकि प्रक्रिया दोबारा पूरी तरह सही तरीके से की जा सके। (Maharashtra local body elections)
इसी बीच चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सोमवार रात 10 बजे के बाद सभी तरह का प्रचार बंद माना जाएगा। उसके बाद न कोई रैली निकाली जा सकेगी, न लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होगा और न ही किसी माध्यम से प्रचार सामग्री दिखाई या बांटी जा सकेगी। राज्य की सड़कों पर जैसे-जैसे शोर थमेगा, चुनाव की असली परख मतगणना वाले दिन होगी, जब 3 दिसंबर को परिणाम सामने आएंगे। (Maharashtra local body elections)
मतदान के इस पहले बड़े चरण में कुल 6,859 सदस्य और 288 अध्यक्ष चुने जाएंगे। इसके लिए 1.07 करोड़ से ज्यादा वोटर 13,355 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।
भाजपा का बड़ा दावा
राज्य की राजनीति भी इस चुनावी हलचल (Maharashtra local body elections) में पूरी तरह सक्रिय दिख रही है। भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी का महायुति गठबंधन एक तरफ है, जबकि दूसरी ओर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा), शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की महा विकास आघाड़ी सरकार बनने की उम्मीदों के साथ डटे हुए हैं।
इस बीच भाजपा ने दावा किया है कि उसे पहले ही 100 सदस्य और तीन अध्यक्ष पद निर्विरोध मिल चुके हैं, जिसे पार्टी नेतृत्व अपनी लोकप्रियता का संकेत बता रहा है।
स्थानीय निकायों के चुनाव (Maharashtra local body elections) इस बार सिर्फ प्रशासनिक रूप से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक मायनों में भी काफी अहम माने जा रहे हैं। विधानसभा चुनावों के बाद यह पहला मौका है जब राज्य की जनता अपने स्थानीय प्रतिनिधियों के कामकाज और गठबंधनों की ताकत की सीधी परीक्षा ले रही है। इसी वजह से इन नतीजों को आने वाले महीनों में होने वाले बड़े चुनावों, खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका के चुनाव का पूर्व संकेत माना जा रहा है।
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