Guru Pradosh Vrat : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन के दुख, दरिद्रता, बाधाएं और ग्रह दोष दूर होते हैं।
जब प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, तब इसे गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु प्रदोष व्रत संतान सुख, विवाह, करियर, आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
इस बार गुरु प्रदोष व्रत 28 मई 2026 को रखा जाएगा। खास बात यह है कि यह व्रत अधिकमास में पड़ रहा है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
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हिंदू मान्यताओं के अनुसार अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। वहीं प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में इस बार के गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) में भगवान शिव और भगवान विष्णु, दोनों की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है, आर्थिक परेशानियां कम होती हैं, विवाह और संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
गुरु प्रदोष व्रत तिथि (Guru Pradosh Vrat Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि
- प्रारंभ : 28 मई 2026, सुबह 07:57 बजे
- समापन : 29 मई 2026, सुबह 09:51 बजे
ऐसे में गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) 28 मई 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। प्रदोष व्रत में पूजा प्रदोष काल में करना सबसे शुभ माना जाता है। प्रदोष काल पूजा मुहूर्त है – शाम 07:12 बजे से रात 09:15 बजे तक।
मान्यता है कि इस समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी करते हैं।
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गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) के दिन क्या करें
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- घर के मंदिर को साफ करके एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं और भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें।
- शिवलिंग पर जल अर्पित करें, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें।
- भगवान शिव को बेलपत्र और चंदन अर्पित करें, धूप-दीप से आरती करें और शिव मंत्रों का जाप करें।
- चूंकि व्रत अधिकमास में पड़ रहा है, तो भगवान विष्णु की भी पूजा करें।
शाम के समय प्रदोष काल (Guru Pradosh Vrat) में मंदिर जाकर भगवान शिव का अभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है।



