Varanasi Network Marketing Fraud : वाराणसी में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रोहनिया थाना क्षेत्र में एक तीन मंजिला मकान पर छापेमारी कर पुलिस ने 250 युवक-युवतियों को मुक्त कराया। आरोप है कि इन्हें नौकरी और कमाई का लालच देकर नेटवर्क मार्केटिंग से जोड़ा गया था, फिर नए सदस्य बनाने का दबाव डालते हुए बंधक बनाकर रखा जाता था। विरोध करने पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में 50 लाख रुपये से अधिक की उगाही का खुलासा हुआ है (Varanasi Network Marketing Fraud)।
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शैम्पू और साबुन के कारोबार की आड़ में चल रहा था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, महादेव इंटरप्राइजेज और आरएचआई (RHI) के नाम से नेटवर्क मार्केटिंग का संचालन किया जा रहा था। गिरोह शैम्पू, डिटर्जेंट और साबुन जैसे उत्पादों के कारोबार का दावा कर लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ता था।
जांच में सामने आया कि हर सदस्य से 20-20 हजार रुपये जमा कराए जाते थे। इसके बाद उन्हें दो नए सदस्य जोड़ने पर मोटे कमीशन का लालच दिया जाता था। इसी झांसे में बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों के बड़ी संख्या में युवक-युवतियां इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए (Varanasi Network Marketing Fraud)।
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पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मकान में मौजूद युवक-युवतियों ने बताया कि यदि कोई निर्धारित संख्या में नए सदस्य नहीं जोड़ पाता था या नेटवर्क छोड़ने की कोशिश करता था, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। लगातार धमकियां दी जाती थीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, ताकि वे नए लोगों को इस नेटवर्क में जोड़ते रहें (Varanasi Network Marketing Fraud)।
250 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
सूचना मिलने के बाद रोहनिया पुलिस ने मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 250 युवक-युवतियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस का कहना है कि सभी से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क का विस्तार किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है (Varanasi Network Marketing Fraud)।
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शुरुआती जांच में 50 लाख रुपये से अधिक की उगाही के संकेत मिले हैं। पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, रजिस्टर, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनकी जांच के आधार पर गिरोह के आर्थिक लेनदेन और अन्य सदस्यों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है (Varanasi Network Marketing Fraud)।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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