
Why Trump praise the Indian pilot : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को ‘हीरो’ बताया है। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि एक विमान में सवार करीब 180 लोगों की जान खतरे में पड़ गई और घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने ऐसी भूमिका निभाई, जिसकी अब दुनियाभर में चर्चा हो रही है?
यह पूरा मामला फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 का है, जो 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा (Why Trump praise the Indian pilot)।
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पहले समझिए, विमान में हुआ क्या?
फ्लाईदुबई का बोइंग 737 विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। तभी कॉकपिट में अचानक ऐसी स्थिति पैदा हुई, जिसने पूरे विमान को खतरे में डाल दिया। रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया।
इसी दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से घटने लगी। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान करीब 37 सेकंड में लगभग 14,300 फीट नीचे आ गया। स्थिति इतनी गंभीर थी कि विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजा और बाद में इसे सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ दिया गया (Why Trump praise the Indian pilot)।
यहीं से कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। हमले में घायल होने के बावजूद वह कॉकपिट में सक्रिय रहे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसका मतलब यह था कि बाहर मौजूद लोगों को अंदर पहुंचने और स्थिति को संभालने का मौका मिल गया।
यही वह वजह है, जिसके चलते उनकी बहादुरी की खास तौर पर चर्चा हो रही है। अगर कॉकपिट तक कोई पहुंच नहीं पाता, तो विमान को संभालना और कथित हमलावर को रोकना बेहद मुश्किल हो सकता था (Why Trump praise the Indian pilot)।
कॉकपिट का रास्ता खुलने के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने हस्तक्षेप किया। एक इस्राइली यात्री यानिव हयून ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।
रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ अन्य क्रू सदस्य और विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलट भी आगे आए। इस दौरान कथित हमलावर को काबू किया गया और विमान का नियंत्रण संभालने की कोशिश की गई। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
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ट्रंप ने कैप्टन मच्छार को ‘हीरो’ क्यों कहा?
ट्रंप ने इस घटना के बारे में पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन मच्छार की बहादुरी का जिक्र किया। उनके मुताबिक, गंभीर खतरे और चोट के बावजूद पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने और मदद पहुंचने का रास्ता बनाया। ट्रंप ने इसी वजह से उन्हें ‘हीरो’ कहा (Why Trump praise the Indian pilot)।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी। कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ सिर्फ ट्रंप ने नहीं की। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उन्हें ‘सच्चा हीरो’ बताया। इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने भी उनके साहस की सराहना की है।
मच्छार जून 2022 से फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में काम कर रहे हैं। इससे पहले वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे थे। उनके पास बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का लंबा अनुभव है (Why Trump praise the Indian pilot)।
क्या इसे आतंकी हमला माना गया है?
अभी इस सवाल का जवाब तय नहीं है। ट्रंप ने हमलावर के बारे में बात करते हुए उसे ‘शायद आतंकवादी या शायद सनकी’ बताया, लेकिन घटना के पीछे की असली वजह और उसकी मंशा की जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई ने भी कहा है कि घटना के कारण और मकसद फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं और जांच पूरी होने तक अटकलों से बचना चाहिए (Why Trump praise the Indian pilot)।



