
अमेरिका और क्यूबा के बीच चल रही कूटनीतिक खींचतान (Cuba US tension) अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। राजधानी हवाना में स्थित अमेरिकी दूतावास के लिए डीजल आयात की अनुमति को क्यूबा ने सख्ती से ठुकरा दिया है। यह फैसला केवल ईंधन की कमी का मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। क्यूबा ने साफ कर दिया है कि वह दबाव या धमकियों के आगे झुकने वाला नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हैं क्यूबा के राष्ट्रपति Miguel Díaz-Canel, जिन्होंने हाल ही में अमेरिका को लेकर कड़ा रुख (Cuba US tension) अपनाया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्यूबा पर दबाव बना रहे हैं और वहां सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके हैं।
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डीजल विवाद बना कूटनीतिक टकराव का नया कारण
हवाना स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने जनरेटर चलाने के लिए डीजल आयात की अनुमति मांगी थी। क्यूबा में लंबे समय से बिजली संकट और ईंधन की कमी के कारण दूतावास के कामकाज पर असर पड़ रहा है। लेकिन क्यूबा सरकार ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया (Cuba US tension)।
इस फैसले को एक कड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। क्यूबा का कहना है कि जब अमेरिका खुद उस पर ईंधन ब्लॉकएड लागू कर रहा है, तो ऐसे में वह अमेरिकी संस्थानों को विशेष छूट क्यों दे (Cuba US tension)।
क्यूबा में गहराता ऊर्जा संकट (Cuba energy crisis)
क्यूबा इस समय गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है। पहले उसे ज्यादातर तेल वेनेजुएला से मिलता था, लेकिन बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह आपूर्ति लगभग रुक गई है।
अमेरिका ने न केवल वेनेजुएला के साथ संबंध सीमित (Cuba US tension) किए हैं, बल्कि अन्य देशों को भी क्यूबा को तेल देने पर सजा की चेतावनी दी है। इसके चलते क्यूबा को अब अपने सीमित संसाधनों, जैसे स्थानीय तेल, प्राकृतिक गैस और सोलर ऊर्जा पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो देश की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है।
इसका असर आम लोगों से लेकर सरकारी सेवाओं तक साफ दिखाई दे रहा है। बार-बार बिजली कटौती और जरूरी सेवाओं में बाधा आम बात हो गई है।
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हम क्यूबा में कुछ भी कर सकते हैं : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वह क्यूबा में कुछ भी कर सकते हैं और वहां सत्ता परिवर्तन चाहते हैं (Cuba US tension)। उन्होंने क्यूबा के नेताओं को चेतावनी दी कि वे वेनेजुएला के निकोलस मादुरो की तरह स्थिति का सामना न करें।
हालांकि इन तनावों (Cuba US tension) के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। क्यूबा के विदेश उपमंत्री ने साफ कहा है कि देश की राजनीतिक व्यवस्था और राष्ट्रपति पद किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं हैं।
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दूतावास में कर्मचारी कम कर सकता है अमेरिका
ईंधन की कमी का असर अमेरिकी दूतावास पर भी पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपने कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहा है, ताकि सीमित संसाधनों में काम चलाया जा सके।
अगर ऐसा होता है, तो जवाबी कदम के तौर पर क्यूबा भी वाशिंगटन स्थित अपने दूतावास में कर्मचारियों की संख्या कम करने की मांग कर सकता है। इससे दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण (Cuba US tension) हो सकते हैं।



