
चाहे घरों में रोशनी पहुंचाने की बात हो, उद्योगों को ताकत देने की या फिर नवाचार और परिवहन को संभव बनाने की – ऊर्जा (Energy) हमारे आधुनिक जीवन की बुनियाद है। यह औद्योगिक विकास और आर्थिक तरक्की की रीढ़ मानी जाती है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी एक अहम और केंद्रीय भूमिका है। आज ऊर्जा क्षेत्र एक गहरे बदलाव के दौर से गुजर रहा है।
यह परिवर्तन सीधे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 7 से जुड़ा है। इसका उद्देश्य है, ‘सभी के लिए सस्ती, भरोसेमंद, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा सुनिश्चित करना।’
यह लक्ष्य सिर्फ ऊर्जा की समान पहुंच की बात नहीं करता, बल्कि दुनियाभर में स्वच्छ, हरित और लचीली ऊर्जा प्रणालियां बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी को भी प्रोत्साहित करता है।
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आज ऊर्जा (Energy) क्षेत्र तीन मुख्य कारणों से बदल रहा है – नई तकनीक, बेहतर नीतियां और बाजार की बदलती जरूरतें। सौर, पवन और जैव ऊर्जा जैसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीक तेजी से बढ़ रही हैं। इसके अलावा, ऊर्जा स्टोर करने के तरीके और हाइड्रोजन तकनीकें अब ऊर्जा की आपूर्ति और मांग को संतुलित करने में मदद कर रही हैं। इससे लचीलापन बढ़ रहा है और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम हो रही है।
वितरित ऊर्जा संसाधन, परिवहन का विद्युतीकरण, स्मार्ट ग्रिड्स और ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों का डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी प्रगति हो रही है। साथ ही, कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) तकनीकें अब कम उत्सर्जन वाली ऊर्जा समाधानों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
लेकिन, सिर्फ तकनीकी बदलाव ही पर्याप्त नहीं हैं। जैसे-जैसे यह क्षेत्र बदल रहा है, वैसे-वैसे इसे काम करने वाले लोगों को भी नए तरीके से सोचने की जरूरत है। अब ऊर्जा (Energy) क्षेत्र को ऐसे नए पेशेवरों की आवश्यकता है, जो तकनीकी रूप से मजबूत, तेज और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध हों। ऐसे नेता चाहिए, जो अपने कौशल से संगठन में बदलाव ला सकें और व्यवसाय को सतत विकास के लक्ष्य के साथ जोड़ सकें।
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इस बदलाव के केंद्र में है ऊर्जा प्रबंधन यानि ऊर्जा (Energy) का उपयोग जिम्मेदारी से और पूरी दक्षता के साथ करना। यह सिर्फ ऊर्जा की खपत को घटाने की बात नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य है प्रदर्शन को बेहतर बनाना, पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना, और भविष्य के लिए स्थिरता सुनिश्चित करना।
आज, दुनिया को नई सोच और जोश से भरे हुए नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और नेताओं की जरूरत है। ये वो लोग होंगे जो नई और साहसी सोच के साथ पुरानी और पारंपरिक सोच को चुनौती देंगे। उनकी रचनात्मकता और प्रतिबद्धता 21वीं सदी की ऊर्जा (Energy) चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद करेगी।
ऊर्जा (Energy) का भविष्य सिर्फ तकनीकी नवाचारों का नहीं है। यह उन लोगों का भविष्य है जो बदलाव की कल्पना कर सकते हैं, उसे लागू कर सकते हैं और उसे असलियत में बदल सकते हैं। अब वह समय आ चुका है जब प्रेरित और उत्साही लोग आगे बढ़ें और दुनिया को एक बेहतर और ज्यादा टिकाऊ बनाने के लिए ऊर्जा प्रदान करें।

- डॉ. आलोक कुमार सिंह,
HoD Electrical Engineering Department, Adani University Ahmedabad



