
IndiGo के बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिल होने के बाद सरकार ने घरेलू उड़ानों के किरायों पर सख्त रोक लगा दी है (Flight fare cap)। अब हर रूट पर अधिकतम किराया तय होगा और सभी एयरलाइंस को नए Fare Cap का पालन करना होगा। uplive24.com पर पूरी अपडेट पढ़ें।
Flight fare cap : देश की हवाई यात्रा पिछले दो दिनों से पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। IndiGo के अचानक सैकड़ों फ्लाइट रद्द करने के बाद कई रूट्स पर सीटें कम पड़ गईं और टिकटों की कीमतें मिनटों में कई गुना बढ़ गईं। यात्रियों की बढ़ती परेशानी और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय आखिरकार मैदान में उतरा और शनिवार को घरेलू उड़ानों के किराये पर सीधी रोक लगा दी।
दिलचस्प बात यह रही कि मंत्रालय ने अपने आदेश में किसी एयरलाइन का नाम नहीं लिया, लेकिन यह साफ है कि हाल की उथल-पुथल की वजह इंडिगो ही रही है (Flight fare cap)।
क्यों लगा किराये पर कंट्रोल?
मंत्रालय ने कहा कि लगातार कैंसिलेशन से रूट्स पर क्षमता घट गई थी, और इसका फायदा उठाते हुए कई सेक्टरों में किराया अनुचित और बेवजह तरीके से बढ़ा दिया गया। सरकार ने इसे सीधे जनता के हित का मामला बताया और कहा कि यात्रियों को संकट की घड़ी में लूटने नहीं दिया जा सकता (Flight fare cap)।
सरकार के नए आदेश के बाद Economy Class टिकट पर अधिकतम किराया (Flight fare cap) इस तरह तय किया गया है:
- 500 किमी तक : अधिकतम ₹7,500
- 500–1,000 किमी : अधिकतम ₹12,000
- 1,000–1,500 किमी : अधिकतम ₹15,000
- 1,500 किमी से ऊपर : अधिकतम ₹18,000
ये सीमाएं (Flight fare cap) एयरपोर्ट टैक्स, UDF और PSF को छोड़कर हैं। बिजनेस क्लास और UDAN वाली उड़ानों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
एयरलाइन वेबसाइट हो या ऐप, हर जगह एक जैसा किराया
सरकार ने साफ हिदायत दी है कि चाहे टिकट एयरलाइन की अपनी वेबसाइट से खरीदा जाए या किसी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट (OTA) से, किराया लिमिट (Flight fare cap) हर जगह बिल्कुल एक जैसी होगी।
साथ ही एयरलाइनों से यह भी कहा गया है कि वे टिकटों की उपलब्धता को कृत्रिम रूप से कम न करें, और जिन रूट्स पर मांग बहुत ज्यादा है, वहां अतिरिक्त फ्लाइट/क्षमता जोड़ने पर विचार करें।
कब तक लागू रहेगा Fare Cap?
मंत्रालय ने कहा कि यह सीमाएं (Flight fare cap) तब तक लागू रहेंगी जब तक किराये सामान्य स्थिति में वापस नहीं आ जाते।
सरकार रियल-टाइम डेटा के जरिए हर एयरलाइन और हर रूट की निगरानी करेगी। किराया सीमा का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इंडिगो संकट ने यात्रियों को परेशान किया
इंडिगो के हालिया ऑपरेशनल संकट की वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे रह गए। कई सेक्टरों में टिकट 8,000–10,000 रुपये से सीधे 25,000–30,000 रुपये तक पहुंच गए, वह भी इकोनॉमी क्लास में। यही वजह रही कि सरकार को सीधे हस्तक्षेप करके किराये पर लगाम (Flight fare cap) लगानी पड़ी।



