Gold silver price crash reason : सोने की चमक और चांदी की खनक में शुक्रवार को थोड़ी कमी रही। लगातार तेजी के बाद दोनों में गिरावट दिखी। इसकी वजह मुनाफावसूली को माना जा रहा है। कमजोर वैश्विक बाजार, मजबूत होते डॉलर और फेडरल रिजर्व को लेकर बदली उम्मीदों ने इस गिरावट को और तेज कर दिया।
MCX Gold Futures (5 फरवरी 2026 एक्सपायरी) में एक ही दिन में करीब 11,000 रुपये यानी 6.5% की गिरावट आई और भाव 1,59,984 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं Silver Futures (5 मार्च 2026) में तो और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी करीब 68,000 रुपये यानी 16.6% टूटकर 3,34,503 रुपये प्रति किलो पर आ गई। (Gold silver price crash reason)
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यह गिरावट इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि एक दिन पहले ही सोना 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव साफ दिखा। Comex Gold Price करीब 2.2% गिरकर 5,236.74 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
सोना-चांदी की गिरावट का असर Gold ETF और Silver ETF पर भी दिखा। शुक्रवार को कई ETFs में 10% से 14% तक की गिरावट दर्ज की गई। (Gold silver price crash reason)
बयान से बढ़ी बेचैनी
इस तेज गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका में फेडरल रिजर्व को लेकर बढ़ी अनिश्चितता भी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बाजार में घबराहट बढ़ी, जिसमें उन्होंने नए फेड चेयरमैन के नाम का संकेत दिया। माना जा रहा है कि नया चेयरमैन ब्याज को लेकर सख्ती बढ़ा सकता है। (Gold silver price crash reason)
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फिर भी ट्रेंड मजबूत क्यों माना जा रहा है?
इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद जानकार मानते हैं कि Gold Outlook और Silver Outlook लंबी अवधि में अब भी मजबूत हैं। सोना 1980 के बाद से अपना सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन देने की ओर है, जबकि चांदी जनवरी में 50% से ज्यादा चढ़ चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की वजह से सोना-चांदी को लंबे समय तक सपोर्ट मिलता रहेगा। हालांकि उतार-चढ़ाव बहुत तेज रह सकता है। (Gold silver price crash reason)
गोल्ड मार्केट में आई इस हलचल को लेकर सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी तेजी से वायरल हुई, जिसमें कहा गया कि सोने की volatility 2008 financial crisis के स्तर तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ही घंटों में गोल्ड मार्केट कैप में ट्रिलियन डॉलर का उतार-चढ़ाव देखा गया, जो बेहद असामान्य है।
क्या खत्म हो गई सोना-चांदी की तेजी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट (Gold silver price crash reason) केवल शॉर्ट टर्म करेक्शन है और लंबी अवधि की तेजी अभी खत्म नहीं हुई है। भारत में साल के अंत तक सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।



