

PM Vishwakarma Yojana : सरकार समय-समय पर ऐसी योजनाएं लाती रहती है, जिनका मकसद आम लोगों की आजीविका को मजबूत करना होता है। इन्हीं योजनाओं में से एक है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना (PM Vishwakarma Yojana), जिसकी शुरुआत केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में की थी।
यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है, जो पारंपरिक काम-धंधों और हस्तशिल्प से जुड़े हुए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे कारीगरों को ट्रेनिंग, आर्थिक मदद और सस्ता लोन देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि इस योजना में 500 रुपये रोजाना स्टाइपेंड किसे मिलता है और 3 लाख रुपये का लोन कौन ले सकता है?
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PM Vishwakarma Yojana के प्रमुख लाभ
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को सबसे पहले एडवांस स्किल ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य कारीगरों की पारंपरिक कला को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक बेहतर बनाना है।
ट्रेनिंग की अवधि के दौरान सरकार की ओर से रोजाना 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है, ताकि सीखने के दौरान उनकी आमदनी प्रभावित न हो। इसके अलावा, काम को आगे बढ़ाने के लिए 15,000 रुपये की टूलकिट प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, जिससे जरूरी औजार खरीदे जा सकें।
पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) में कितना लोन मिलता है?
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है कम ब्याज दर पर लोन सुविधा। योजना के तहत कुल 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है।
पहले चरण में लाभार्थी को 1 लाख रुपये का लोन मिलता है, जिसकी अवधि 18 महीने होती है। इसके बाद दूसरा चरण आता है, जिसमें 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लोन लिया जा सकता है, जिसकी अवधि 30 महीने तक होती है। यह लोन लगभग 5 प्रतिशत की सस्ती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
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500 रुपये स्टाइपेंड किसे मिलता है और लोन कौन ले सकता है?
जो लोग पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) से जुड़कर एडवांस ट्रेनिंग लेते हैं, उन्हें ट्रेनिंग पूरी होने तक रोजाना 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है।
वहीं, जो लाभार्थी ट्रेनिंग के बाद अपना खुद का काम या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, वे 3 लाख रुपये तक का लोन लेने के पात्र होते हैं। यानी स्टाइपेंड सीखने के लिए है और लोन काम को आगे बढ़ाने के लिए।
PM Vishwakarma Yojana के लिए कौन पात्र है?
इस योजना (PM Vishwakarma Yojana) का लाभ 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोग उठा सकते हैं। इनमें शामिल हैं : फिशिंग नेट बनाने वाले, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, पत्थर तराशने वाले, मूर्तिकार, मोची या जूता बनाने वाले कारीगर, पत्थर तोड़ने वाले, धोबी, दर्जी, लोहार, नाव निर्माता, मालाकार और अस्त्रकार।
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पीएम विश्वकर्मा योजना में आवेदन कैसे करें? (How to apply in PM Vishwakarma Yojana)
पीएम विश्वकर्मा योजना में आवेदन करने के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (CSC) पर जा सकते हैं। वहां मौजूद CSC ऑपरेटर की मदद से पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर आधार आधारित ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाता है।
इसके बाद आवेदन फॉर्म भरा जाता है, जिसमें आवेदक की व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होती है। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थी को डिजिटल सर्टिफिकेट और पहचान पत्र (ID कार्ड) जारी किया जाता है।
योजना (PM Vishwakarma Yojana) में आवेदन करते समय आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की आवश्यकता होती है।



