
How to start investing in bonds : आजकल का शेयर बाजार किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं। कभी अचानक तेज चढ़ाव, तो कभी बिना चेतावनी की गिरावट। ऐसे माहौल में हर निवेशक को एक ऐसी जगह की तलाश रहती है, जहां पैसा सुरक्षित हो और रिटर्न भी तय हों। इसी वजह से बॉन्ड धीरे-धीरे आम परिवारों और नए निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
बॉन्ड की खास बात यह है कि आप सिर्फ ₹10,000 से भी शुरुआत कर सकते हैं। महंगे निवेश विकल्पों जैसे रियल एस्टेट या बड़ी रकम वाले फंड्स के मुकाबले यह शुरुआत बेहद आसान और हल्की पड़ती है। (How to start investing in bonds)
यह भी पढ़ें : Sukanya Samriddhi Yojana vs Mutual Funds : बेटी के भविष्य के लिए कौन अधिक बेहतर?
क्या हैं बॉन्ड्स
बॉन्ड को आप ऐसे समझिए जैसे आप किसी संस्था – सरकारी, निजी कंपनी या बैंक को पैसे उधार देते हैं। बदले में वह संस्था आपको एक तय ब्याज देती है और अवधि पूरी होने पर आपका मूलधन वापस कर देती है।
इस पूरी व्यवस्था में न कोई उलझन रहती है, न रोज देखने की चिंता। बस तय समय पर आपको ब्याज मिलता रहता है। यही सादगी बॉन्ड को उन लोगों के लिए भरोसेमंद बनाती है जो शांति के साथ, धीरे-धीरे पैसा बढ़ाना चाहते हैं।
सबसे पहले तय करें कि आप निवेश क्यों करना चाहते हैं। यह कदम सबसे महत्वपूर्ण है –
- क्या आप पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं?
- या हर महीने/तिमाही थोड़ी-थोड़ी आय चाहते हैं?
- या आप ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं जहां टैक्स कम लगे?
जब आपका लक्ष्य साफ़ होता है, तभी आपको समझ आता है कि किस अवधि का बॉन्ड लेना है (How to start investing in bonds) और किस तरह की ब्याज व्यवस्था आपके लिए बेहतर है।
यह भी पढ़ें : FD vs PPF : फिक्स्ड या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, किसमें मिलेगा बेहतर रिटर्न
नए निवेशक छोटे से करें शुरुआत
अब कई ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं जहां 10,000 रुपये से बॉन्ड खरीदे जा सकते हैं। निवेश की विंडो खुलती है, आपको आवेदन करना होता है और फिर बॉन्ड आपके डिमैट खाते में दिखने लगते हैं (How to start investing in bonds)।
इन्हें बाद में स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड भी किया जा सकता है। यानी अगर भविष्य में कभी जरूरत पड़े तो आप अपना बॉन्ड बेच भी सकते हैं। यह सुविधा बॉन्ड को और लचीला बनाती है।
यह भी पढ़ें : FD investment tips : एफडी से ज्यादा रिटर्न चाहिए, तो ये कीजिए
निवेश करने से पहले ये 5 बातें गहराई से परखें
- कितना ब्याज मिलेगा : यह सबसे पहला सवाल है। इसे महंगाई और अपने लक्ष्य से जोड़कर देखें।
- पैसा कब लौटेगा (Maturity Date) : कुछ लोग लंबी अवधि के लिए ठीक रहते हैं, कुछ छोटी अवधि पसंद करते हैं। यह पूरी तरह आपकी योजना पर निर्भर है।
- बॉन्ड की रेटिंग क्या है : AAA, AA+, क्या है रेटिंग। यह दरअसल भरोसे का पैमाना है। जितनी अच्छी रेटिंग, उतना कम खतरा।
- ब्याज कितनी बार मिलेगा : महीने–महीने चाहिए, या साल में एक बार? इससे आपकी कैश–फ्लो प्लानिंग तय होती है (How to start investing in bonds)।
- कंपनी की साख कैसी है : कई बार ब्याज ज्यादा दिखाया जाता है, लेकिन कंपनी ही भरोसेमंद नहीं होती। इसलिए पिछला रिकॉर्ड, प्रमोटर कौन हैं, समय पर भुगतान का इतिहास – सबकी जांच जरूरी है।
निवेश कैसे करें और आगे कैसे ट्रैक करें? (How to start investing in bonds)
सारी जांच-पड़ताल के बाद आप ऑनलाइन बॉन्ड खरीद सकते हैं। ब्याज आपके खाते में सीधे आएगा और बॉन्ड आपके डिमैट में नजर आएगा। कई प्लेटफॉर्म आपको यह भी बताते हैं कि आपने अब तक कितना ब्याज कमाया और आप चाहे तो उसी पैसे को दोबारा निवेश कर कंपाउंडिंग बढ़ा सकते हैं।
यह भी पढ़ें : Retirement income plans : रिटायरमेंट के बाद भी चाहिए रेगुलर इनकम? यहां करें निवेश
बॉन्ड में जोखिम कम होते हैं, लेकिन होते हैं
कई लोग सोचते हैं कि बॉन्ड में कोई खतरा नहीं लेकिन यह गलत है। ब्याज दरें बढ़ें तो बॉन्ड के दाम गिरते हैं। कंपनी की आर्थिक हालत खराब हो जाए तो भुगतान अटक सकता है। कुछ बॉन्ड आसानी से नहीं बिकते (How to start investing in bonds)। इसी तरह अगर महंगाई बढ़ जाए तो तय ब्याज कम पड़ सकता है यानी आपने जो रिटर्न सोचा है, वह फिर आपके काम के लिए काफी नहीं होगा।
फिर भी पहली बार निवेश करने जा रहे हैं तो कुछ बातें गांठ बांध लीजिए (How to start investing in bonds) – पहली बार छोटी राशि से शुरुआत करें। पोर्टफोलियो में संतुलन रखें। सिर्फ बॉन्ड पर निर्भर न रहें। बॉन्ड की मेच्योरिटी अपने बड़े लक्ष्यों से जोड़ें और मिलने वाला ब्याज दोबारा निवेश करें।
लंबे वक्त में चाहिए बढ़िया रिटर्न? लगाइए निवेश का छक्का



