

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर गांव के एक सरकारी मिडिल स्कूल (Chhattisgarh School) में मिड-डे मील (Mid-Day Meal) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कक्षा 6, 7 और 8 के छात्रों ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को स्कूल में परोसी गई सब्जी को एक आवारा कुत्ता चाट गया था और खा भी गया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद 78 बच्चों को एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन (Anti-Rabies Vaccine) दी गई।
छात्रों के अनुसार, जिस सब्जी को मिड-डे मील में परोसा जाना था, वह रसोई के बाहर खुले में रखी गई थी। केवल एक प्लेट से उसे थोड़ा सा ढंका गया था। उन्होंने देखा कि एक आवारा कुत्ता प्लेट हटाकर सब्जी खाने लगा।
जब छात्रों ने शिक्षकों को इसकी जानकारी दी, तब शिक्षकों ने स्व-सहायता समूह (Self-Help Group) की महिलाओं को contaminated food न परोसने की हिदायत दी। लेकिन, Jai Laxmi Self-Help Group, जो पिछले 15 साल से स्कूल का मिड-डे मील चला रही है, ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए वही सब्जी बच्चों को परोस दी।
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बच्चों ने जब घर जाकर अपने माता-पिता को इस बारे में बताया, तो गांव में आक्रोश फैल गया। नाराज अभिभावक, ग्रामीण और School Management Committee (SMC) के सदस्य स्कूल पहुंचे और स्टाफ से जवाब तलब किया।
एक छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि अगर वे कभी और खाना मांगते हैं तो उन्हें डांटा जाता है और बुरा व्यवहार किया जाता है।
बच्चों को दी गई एंटी-रेबीज वैक्सीन
ग्रामीणों के दबाव और SMC के अनुरोध पर गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 78 छात्रों को एहतियात के तौर पर Anti-Rabies Vaccine का पहला डोज दिया गया। डॉ. वीणा वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह फैसला एहतियातन लिया गया था, किसी भी पुष्टि की गई संक्रमण के कारण नहीं।
स्कूल कांड (Chhattisgarh School) की प्रशासनिक जांच शुरू
2 अगस्त को उपखंड अधिकारी दीपक निकुंज, खंड शिक्षा अधिकारी नरेश वर्मा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और SMC सदस्यों के बयान दर्ज किए। हालांकि, Self-Help Group की महिलाएं बयान देने के लिए उपस्थित नहीं हुईं।
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स्थानीय कांग्रेस विधायक संदीप साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Dev Sai) को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने पूछा, ‘बिना मेडिकल पुष्टि के बच्चों को एंटी-रेबीज वैक्सीन कैसे दी गई? शिक्षकों की चेतावनी के बावजूद बच्चों को दूषित खाना क्यों परोसा गया?’
जय लक्ष्मी स्व-सहायता समूह पर सवाल
गांव वालों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब Jai Laxmi Self-Help Group की ओर से लापरवाही हुई है। पहले भी अधपका भोजन, खाने में कीड़े और साफ-सफाई की कमी जैसी शिकायतें सामने आई हैं। अब स्थानीय लोग इस समूह को हटाकर किसी जिम्मेदार सेवा प्रदाता को नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं।



