
Mojtaba Khamenei profile : अमेरिका-इजरायल हमले के बाद ईरान में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार सुबह शुरू हुए सटीक हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और उनके कई करीबी सैन्य कमांडर मारे गए। 1989 से सत्ता संभाल रहे खामेनेई की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—अब ईरान की कमान किसके हाथ में होगी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गार्डियन काउंसिल ने वरिष्ठ धर्मगुरु अलीरेजा अराफी को अंतरिम नेतृत्व सौंपा है। अंतिम फैसले का ऐलान संघर्ष खत्म होने के बाद किया जाएगा। इस बीच सबसे चर्चित नाम खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei का है।
सेना पर मजबूत पकड़
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उनका परिवार मशहद से तेहरान आ गया। मोजतबा ने तेहरान के प्रतिष्ठित अलवी हाई स्कूल से पढ़ाई की और बाद में तेहरान व क़ोम की धार्मिक सेमिनरी में रूढ़िवादी मौलवियों के तहत इस्लामी अध्ययन किया (Mojtaba Khamenei profile)।
ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की हबीब बटालियन में सेवा दी। यहीं से उन्होंने सुरक्षा और खुफिया तंत्र में मजबूत नेटवर्क तैयार किया।
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पर्दे के पीछे की ताकत
हालांकि मोजतबा के पास कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं रहा, लेकिन माना जाता रहा है कि उनके बाद ही कोई उनके पिता से मिल सकता था। अमेरिकी प्रतिबंधों के दस्तावेजों में भी संकेत मिला कि खामेनेई ने कई जिम्मेदारियां उन्हें सौंप दी थीं (Mojtaba Khamenei profile)।
2005 और 2009 के राष्ट्रपति चुनावों में उनकी भूमिका की चर्चा रही। 2009 के विवादित चुनावों के बाद हुए ग्रीन मूवमेंट के विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भी उनका नाम सामने आया (Mojtaba Khamenei profile)।
उनका प्रभाव IRGC, कुद्स फोर्स और खुफिया एजेंसियों तक फैला माना जाता है। सरकारी मीडिया संगठन इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) पर भी उनके प्रभाव की बात कही जाती है।
धार्मिक दर्जा और उत्तराधिकार
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद परंपरागत रूप से एक उच्च धार्मिक दर्जे वाले धर्मगुरु को मिलता है। मोजतबा को लंबे समय तक मध्य-स्तरीय मौलवी माना जाता रहा, लेकिन उत्तराधिकार की चर्चा तेज होने के साथ समर्थक उन्हें अयातुल्ला कहने लगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई ने पहले ही एक्सपर्ट असेंबली से उत्तराधिकारी पर विचार-विमर्श कराया था, जहां मोजतबा (Mojtaba Khamenei profile) का नाम प्रमुखता से उभरा।
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अरबों की संपत्ति और वैश्विक नेटवर्क
पश्चिमी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई का नाम अरबों डॉलर की संपत्तियों से जुड़ा है। आरोप हैं कि तेल बिक्री और शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए विदेशों में निवेश किया गया।
ब्रिटेन, यूएई, जर्मनी, स्पेन, कनाडा और फ्रांस में लग्जरी संपत्तियों का जिक्र भी रिपोर्ट्स में मिलता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है (Mojtaba Khamenei profile)।
ईरान में सुप्रीम लीडर की ताकत कितनी?
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद सर्वोच्च होता है। राष्ट्रपति से भी अधिक शक्तिशाली यह पद सेना, न्यायपालिका, विदेश नीति और धार्मिक मामलों पर अंतिम निर्णय देता है। उनके फैसलों को चुनौती नहीं दी जा सकती।
खामेनेई के निधन के बाद यह पद और भी संवेदनशील हो गया है, क्योंकि उत्तराधिकारी का चयन ईरान की राजनीति और क्षेत्रीय रणनीति दोनों को प्रभावित करेगा।



