
ITR revised return last date : 31 दिसंबर साल का आखिरी दिन ही नहीं, 2025-26 असेसमेंट ईयर के लिए Revised Return और Belated Return भरने का आखिरी दिन भी है। इसके बाद टैक्सपेयर अपनी मर्जी से रिटर्न में कोई भी बदलाव नहीं कर पाएंगे।
देश में इस वक्त 70 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ऐसे हैं जिनका रिटर्न अब तक प्रोसेस नहीं हुआ, और बड़ी संख्या उन लोगों की है जिनका रिफंड फंसा हुआ है। इन मामलों में विभाग की ओर से कई टैक्सपेयर्स को Form-16 और ITR में मिसमैच को लेकर अलर्ट भी भेजे गए हैं।
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31 दिसंबर के बाद खत्म हो जाएगा ‘स्वैच्छिक सुधार’ का अधिकार
आयकर नियमों के मुताबिक, 31 दिसंबर की डेडलाइन खत्म होते ही टैक्सपेयर के पास से वॉलेंटरी रिवीजन का ऑप्शन खत्म हो जाएगा। यानी अगर आपने कोई गलती की है, कोई इनकम छूट गई है या कोई गलत डिडक्शन क्लेम किया है, तो उसे खुद से सुधारने का मौका नहीं मिलेगा (ITR revised return last date)।
इसके बाद अगर आयकर विभाग को रिटर्न में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो वह सीधे नोटिस या टैक्स डिमांड जारी करेगा। तब टैक्सपेयर के पास सफाई देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
डेडलाइन चूकी तो 25% से 70% तक ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है
चैंबर ऑफ टैक्स कंसल्टेंट्स की डायरेक्ट टैक्स कमेटी के चेयरमैन सीए विराज मेहता के मुताबिक, अगर 31 दिसंबर तक रिटर्न रिवाइज नहीं किया गया, तो आगे सिर्फ Updated Return (Section 139(8A)) का रास्ता बचेगा।
यह सुविधा भले ही 4 साल तक मिलती है, लेकिन इसमें भारी पेनाल्टी चुकानी पड़ती है। पहले साल में अतिरिक्त टैक्स का 25%, दूसरे साल 50% और चौथे साल तक यह पेनाल्टी 70% तक पहुंच सकती है। इसके अलावा ब्याज अलग से देना होगा (ITR revised return last date)।
8.5 करोड़ रिटर्न फाइल, 70 लाख अब भी पेंडिंग
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 28 दिसंबर तक करीब 8.5 करोड़ ITR फाइल और वेरीफाई किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 7.8 करोड़ रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन 70 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी CPC में पेंडिंग हैं।
इस साल अब तक 21 लाख से ज्यादा Revised Return फाइल की जा चुकी हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जिन लोगों का रिफंड अटका है, उनमें ज्यादातर मामलों में डेटा मिसमैच, इनकम डिस्क्लोजर या पॉलिटिकल डोनेशन जैसे दावों पर सवाल उठे हैं (ITR revised return last date)।
क्या 31 दिसंबर चूकने पर रिफंड चला जाएगा?
नहीं, रिफंड कहीं नहीं जाता। 31 दिसंबर की डेडलाइन सिर्फ रिटर्न में सुधार करने के लिए है, रिफंड पाने के लिए नहीं। अगर आपका रिटर्न सही है और प्रोसेसिंग में देरी विभाग की वजह से हो रही है, तो रिफंड के साथ ब्याज भी मिलेगा।
लेकिन अगर रिटर्न में कोई गलती है और आपने उसे 31 दिसंबर तक ठीक नहीं किया, तो रिफंड फ्रीज हो सकता है। जब तक विभाग उस गड़बड़ी का समाधान नहीं करता, पैसा खाते में नहीं आएगा (ITR revised return last date)।
मिसमैच अलर्ट नजरअंदाज किया तो 200% तक पेनल्टी
अगर विभाग ने आपको Form-16 और ITR के बीच मिसमैच का अलर्ट भेजा है और आपने उसे नजरअंदाज कर दिया, तो मामला गंभीर हो सकता है।
31 दिसंबर के बाद विभाग इसे इनकम छिपाने का केस मान सकता है। ऐसे में Section 270A के तहत टैक्स चोरी की रकम पर 50% से लेकर 200% तक पेनल्टी लग सकती है।
रिफंड में देरी पर कितना ब्याज मिलता है?
इनकम टैक्स कानून के मुताबिक, अगर रिफंड में देरी विभाग की वजह से होती है, तो टैक्सपेयर को 0.5% प्रति माह की दर से साधारण ब्याज मिलता है। यह सालाना 6% के बराबर होता है। ध्यान रहे, अगर देरी गलत जानकारी या मिसमैच की वजह से हुई है, तो ब्याज का लाभ नहीं मिलता (ITR revised return last date)।
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