
Netaji Subhas Chandra Bose : अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण परिषद, नई दिल्ली की कोर कमेटी ने पंडित विनोद चतुर्वेदी को परिषद का सदस्य मनोनीत किया है। यह निर्णय परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा के निर्देशन में तथा सचिव अशोक कुमार सिंधू की ओर से लिया गया।
पंडित विनोद चतुर्वेदी आजमगढ़ जिले (Azamgarh) की मेहनगर तहसील के ग्राम करौती निवासी हैं। वह बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित नायर हॉस्पिटल में एक्स-रे असिस्टेंट के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वह अपने पैतृक गांव लौट आए हैं और नेताजी सुभाषचंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) पर स्वतंत्र शोध कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
नेताजी (Netaji Subhas Chandra Bose) पर जीवनभर का शोध
विनोद चतुर्वेदी लंबे समय से नेताजी सुभाषचंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने अपने खर्च पर उन स्वतंत्रता सेनानियों और आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की है, जिन्होंने नेताजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी।
उनका मानना है कि नेताजी नए युग के राम थे। उन्होंने भारत की आजादी के आंदोलन को एक नया शिल्प दिया। अगर उन्हें पर्याप्त समर्थन मिल जाता, तो आजादी की तस्वीर बिल्कुल अलग होती।
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विनोद चतुर्वेदी ने नेताजी (Netaji Subhas Chandra Bose) पर एक किताब भी लिखी है, जिसे इतिहासकारों और शोधकर्ताओं ने सराहा है। नेताजी के जीवन और विचारों पर उनके शोध को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
परिषद में सदस्य बनाए जाने पर पंडित विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि जो जिम्मेदारी हमें सौंपी गई है, उसका बखूबी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्षों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह उनके लिए गौरव का विषय है।
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