
PM Modi drama not delivery remark : संसद का शीतकालीन सत्र 2025 आज से शुरू हुआ, और पहले ही दिन सदन के बाहर और भीतर राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष को सख्त संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र केवल प्रथा नहीं, बल्कि देश की प्रगति को तेज गति देने वाला अवसर है।
पीएम मोदी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नए और युवा सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की लगातार बाधाओं के कारण सांसद अपने क्षेत्र की समस्याएं भी साझा नहीं कर पा रहे। पीएम मोदी ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। नारे कहीं और लगा लीजिए, यहां नीति और नीयत पर काम होना चाहिए। (PM Modi drama not delivery remark)
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ दल अपने राज्यों की राजनीतिक निराशा और पराजय का गुस्सा संसद में उतार रहे हैं, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि देश निर्माण के लिए सकारात्मक सोच आवश्यक है।
अखिलेश यादव ने पूछा – क्या बीएलओ की मौतें भी ड्रामा हैं?
पीएम मोदी के बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईआर (Voter List Revision) के मुद्दे पर केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को गंभीरता से किया जाना चाहिए क्योंकि इससे लोकतंत्र सीधे प्रभावित होता है।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया, क्या बीएलओ की मौतें भी ड्रामा हैं? वे मैदान में फॉर्म भी नहीं भर पा रहे, कई तनाव में हैं। जब यूपी में चुनाव नहीं है तो इतनी जल्दी क्यों? (PM Modi drama not delivery remark)
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़ी आईटी कंपनियों को हायर कर वोटर डेटा का इस्तेमाल कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
कांग्रेस का पलटवार – प्रधानमंत्री सबसे बड़े ड्रामेबाज
पीएम मोदी के बयान (PM Modi drama not delivery remark) पर कांग्रेस ने भी तीखा हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ड्रामा कर रहे हैं। खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले 11 सालों में सरकार ने संसद की मर्यादा को कई बार तोड़ा है और आज भी जनता के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, असमानता और बीएलओ की मौतों जैसी समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बताया और दावा किया कि सरकार उन्हें उठाने से बच रही है।
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प्रियंका गांधी बोलीं – जनता के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का मंच है। उन्होंने कहा कि एसआईआर, प्रदूषण, चुनावी स्थिति – ये गंभीर मुद्दे हैं। इन पर चर्चा होना लोकतंत्र का हिस्सा है। इन्हें उठाना किसी भी तरह का ड्रामा नहीं। (PM Modi drama not delivery remark)
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही एसआईआर और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सरकार जहां अपनी कार्ययोजना को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं विपक्ष ने साफ किया कि वह वोटर सूची में गड़बड़ियों, बीएलओ की मौतों और जनता के मुद्दों पर सदन में चर्चा से पीछे नहीं हटेगा।
गंभीर और अगरकर, क्या कुछ कमाल करना और बाकी है?



