
Pahalgam Terror Attack
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा को बीच में ही खत्म कर दिया और आपात स्थिति में भारत लौट आए।
लेकिन इस वापसी यात्रा में एक बड़ा कूटनीतिक संदेश छिपा हुआ था। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) का विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं आया, जबकि जाते समय यही विमान उसी एयरस्पेस से होकर गया था।
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कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमला (Pahalgam Terror Attack)
मंगलवार दोपहर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमला हुआ, जिसमें 28 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी The Resistance Front (TRF) नामक आतंकी संगठन ने ली है, जो पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ माना जाता है।
विमान के रूट में बदलाव और इसके निहितार्थ
प्रधानमंत्री का विमान, भारतीय वायुसेना का बोइंग 777-300 (IAF K7067) जब मंगलवार सुबह रियाद के लिए रवाना हुआ, तो उसने पाकिस्तान (Pakistan) के एयरस्पेस का उपयोग किया। लेकिन जब हमले की खबर के बाद वह भारत लौटा, तो विमान ने पाकिस्तान की हवाई सीमा से बचते हुए लंबा रास्ता चुना। यह रूट अरब सागर के ऊपर से होते हुए गुजरात के रास्ते भारत की सीमा में दाखिल हुआ और फिर दिल्ली पहुंचा।
सुरक्षा और संदेश – दोनों मायने रखते हैं
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स से साफ हुआ है कि प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) की वापसी यात्रा का यह नया रूट सिर्फ तकनीकी नहीं था, बल्कि एक राजनयिक और सामरिक संकेत भी था। भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान (Pakistan) से संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के लिए वैकल्पिक मार्ग चुना।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत पूरी तरह सतर्क हो गया है और अब हर कदम रणनीतिक सोच के साथ उठाया जा रहा है।
राष्ट्राध्यक्षों की हवाई यात्रा और नियम
यह जानना भी जरूरी है कि किसी भी राष्ट्राध्यक्ष का विमान जब किसी दूसरे देश के हवाई क्षेत्र से गुजरता है, तो उसे पहले से उस देश की अनुमति लेनी होती है। इसे ‘Overflight Permission’ कहा जाता है। यह अनुमति आपसी समझौतों, द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक परिस्थितियों के आधार पर दी जाती है या रोकी जाती है।
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पाकिस्तान (Pakistan) ने पहले कई बार भारत के वीवीआईपी विमानों को अपने एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति देने से मना किया है, खासकर जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवेदनशील समयों में। इस बार भले ही अनुमति ली गई हो, लेकिन भारत ने खुद ही पाकिस्तान (Pakistan) की वायुसीमा को इग्नोर कर यह संदेश दिया कि वह अपनी सुरक्षा प्राथमिकताओं से कोई समझौता नहीं करेगा।
दिल्ली पहुंचते ही हाई लेवल बैठक
प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) बुधवार सुबह दिल्ली के पालम एयरफोर्स बेस पर उतरे। इसके तुरंत बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ पहलगाम अटैक (Pahalgam Terror Attack) को लेकर आपात बैठक की।
इसके अलावा शाम 6 बजे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की भी एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें आतंकी हमले के जवाब और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
पीएम मोदी की सख्त प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
मैं जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि जो लोग घायल हुए हैं, वे जल्द से जल्द ठीक हों। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
जो भी इस नृशंस कृत्य के पीछे हैं, उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा… उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका यह दुष्ट इरादा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अडिग है, और यह और भी मजबूत होगी।
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