
पश्चिम एशिया में जारी संकट पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विस्तार से बयान दिया (PM Modi West Asia crisis speech)। 28 फरवरी शुरू हुआ यह संघर्ष अब पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि इस युद्ध का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहराई से पड़ रहा है। लगातार बमबारी और हमलों के चलते तेल सप्लाई, व्यापार और आम लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर देखा जा रहा है (PM Modi West Asia crisis speech)।
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भारत के लिए इसलिए बड़ी है चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि यह संकट भारत के लिए कई कारणों से चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत के इस क्षेत्र के देशों के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। खासतौर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, जो वैश्विक व्यापार का अहम रास्ता भी है, खासकर Strait of Hormuz के जरिए।
उन्होंने यह भी बताया कि खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में भारतीय नाविक भी इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऐसे में भारत की चिंता स्वाभाविक रूप से ज्यादा है (PM Modi West Asia crisis speech)।
3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। खासतौर पर ईरान से करीब 1000 भारतीयों को वापस लाया गया है, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं।
सरकार की ओर से भारतीयों की सुरक्षा के लिए 24×7 हेल्पलाइन, एडवाइजरी और इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम लगातार काम कर रहे हैं। विदेशों में स्थित भारतीय मिशन लगातार लोगों के संपर्क में हैं और हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं (PM Modi West Asia crisis speech)।
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तेल संकट और भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर तेल और गैस सप्लाई पर पड़ा है। Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, ऐसे में सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। साथ ही, देश में LPG उत्पादन बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं(PM Modi West Asia crisis speech)।
CBSE ने खाड़ी देशों में परीक्षाएं रद्द कीं
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए CBSE ने खाड़ी देशों में कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
बातचीत से ही समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा (PM Modi West Asia crisis speech) कि भारत की नीति साफ है,संवाद और कूटनीति ही इस संकट का समाधान है। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति स्थापित करने की अपील की है।
उन्होंने नागरिकों, ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है। भारत लगातार अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन (PM Modi West Asia crisis speech) के अंत में कहा कि युद्ध में किसी की भी जान खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है। भारत हमेशा शांति और मानव कल्याण का समर्थक रहा है और इस दिशा में लगातार काम करता रहेगा।
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