Real reason behind the changes in PSL : पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) इस बार एक अलग माहौल में खेली जाएगी। पहले लीग का आयोजन 6 शहरों में होना था, जिसमें पेशावर भी शामिल था। लेकिन अब टूर्नामेंट केवल दो शहरों में होगा, लाहौर और कराची। मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे यानी दर्शकों की एंट्री नहीं होगी और लाहौर में होने वाली ओपनिंग सेरेमनी भी रद्द कर दी गई है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पश्चिम एशिया के संकट को इसके पीछे की वजह बताई है। उनका कहना है कि पाकिस्तान तेल की कमी से जूझ रहा है। इसी कारण ईद की छुट्टियां बढ़ाई गई हैं, लोगों को वर्क फ्रॉम होम दिया गया है। दर्शक अगर स्टेडियम आएंगे, तो तेल खर्च होगा। मैच ज्यादा शहरों में होंगे, तो उसके इंतजाम में भी तेल लगेगा। पाकिस्तान की हालत ऐसी नहीं है कि वह इतना खर्च उठा सके।
मोहसिन नकवी की यह बात तो ठीक है कि पाकिस्तान के लिए क्रूड ऑयल खरीदना दिनों दिन मुश्किल होता जा रहा है। पाकिस्तान में अभी पेट्रोल वहां की करंसी में 300 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है। इसमें भी सरकारी सब्सिडी है। अगर सब्सिडी हट जाए तो दाम 500 पाकिस्तानी रुपये के ऊपर चला जाएगा।
क्रूड के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं और पाकिस्तान की जो आर्थिक हालत है, उसमें उसके लिए मौजूदा जरूरत को पूरा करना ही मुश्किल है। लेकिन, इसके बावजूद नकवी ने जो कारण बताए हैं, वे गलत हैं। पीएसल में बदलाव की वजह कुछ और है (Real reason behind the changes in PSL)।
अमेरिका-इजरायल और ईरान (US-Israel-Iran War) युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने जो चिंता दिखाई, वह असल में असलियत छुपाने की कोशिश है। इस समय पाकिस्तान की लड़ाई अफगानिस्तान से चल रही है। पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान में आम लोगों पर कायराना हमले किए हैं। वहां के एक हॉस्पिटल को हाल में निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
तालिबान ने पाकिस्तान से बदला लेने की बात कही है और इसी वजह से इस्लामाबाद टेंशन में है। PSL में आने वाले विदेशी खिलाड़ियों को सुरक्षा देना PCB के लिए मुश्किल हो सकता है, इसलिए शहर सीमित कर दिए गए और स्टेडियम खाली रखे जा रहे हैं (Real reason behind the changes in PSL)।
पाकिस्तान में इस समय सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। पेशावर तो अफगानिस्तान की जद में है, इसलिए वहां से मैच हटाए गए हैं (Real reason behind the changes in PSL)।
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मोहसिन नकवी के सामने दिक्कत है कि वह इस सच को कह नहीं सकते, क्योंकि तब विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान आने से ही इनकार कर देंगे, इसलिए उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी का मसला नहीं है, बल्कि हालात ऐसे बन गए हैं। अगर वाकई हालात ऐसे हैं, तो टूर्नामेंट कराने की जरूरत ही क्या है?
अगर पाकिस्तान सिक्योरिटी थ्रेट की वजह से इस बार PSL नहीं कराता है, तो संभव है पूरे साल न करा पाए। अफगानिस्तान से तनाव जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। पाकिस्तान पहले ही आतंकवादी गतिविधियों के कारण लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी से दूर रहा है। ऐसे में इस बार उसने ईरान युद्ध का सहारा लिया है (Real reason behind the changes in PSL)।
हालांकि उसका झूठ खुल रहा है। कई पाकिस्तानी यूट्यूबर कह रहे हैं कि पीएसएल में बदलाव के पीछे अफगानिस्तान से खतरा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने तो कहा ही है कि पाकिस्तान में सुरक्षा हालात को देखते हुए उसकी सरकार तय करेगी कि बांग्लादेशी खिलाड़ी PSL में जाएंगे या नहीं (Real reason behind the changes in PSL)।
PSL 2026 की शुरुआत 26 मार्च से होगी और फाइनल मुकाबला 3 मई को खेला जाएगा।



